पूर्णिया में जिस बीमा भारती को हराया, अब उसके लिए रुपौली में वोट मांगेंगे पप्पू यादव? h3>
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राजनीति का खेल निराला होता है। एक महीने पहले जिस बीमा भारती की जमानत जब्त कराकर पप्पू यादव ने निर्दलीय ही पूर्णिया लोकसभा चुनाव जीत लिया था, अब वो बीमा भारती रुपौली विधानसभा सीट के उप-चुनाव में समर्थन मांगने पप्पू यादव के घर पहुंच गई हैं। पूर्णिया से लोकसभा लड़ने के लिए बीमा भारती ने जेडीयू और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। आरजेडी ने बीमा भारती को पूर्णिया लोकसभा हारने के बाद उनकी ही खाली सीट रुपौली के उप-चुनाव में भी टिकट दिया है। बीमा भारती 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के टिकट पर 19 हजार वोट से लोजपा के शंकर सिंह को हराकर जीती थीं। शंकर एक बार फिर निर्दलीय लड़ गए हैं क्योंकि लोजपा-आर अब एनडीए में है। जेडीयू ने कलाधर मंडल को टिकट दिया है।
पप्पू यादव ने रुपौली विधानसभा उप-चुनाव में बीमा भारती के समर्थन को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं और कह रहे हैं कि दिल्ली से जब कहा जाएगा तब वो अपना फैसला लेंगे। पप्पू जब पूर्णिया से लोकसभा लड़ रहे थे तब लालू यादव और तेजस्वी यादव ने बीमा भारती को जेडीयू से लाकर लड़ा दिया था। पूर्णिया सीट 2019 में कांग्रेस लड़ी थी और पप्पू को कांग्रेस में शामिल होने के बाद भी निर्दलीय लड़ना पड़ा क्योंकि लालू ने यह सीट आरजेडी के खाते में डाल ली।
पप्पू यादव से मिलीं बीमा भारती, रूपौली उपचुनाव से पहले मुलाकात के क्या मायने?
तब कांग्रेस ने लालू और तेजस्वी पर दबाव डाला था कि वो पूर्णिया सीट छोड़ दें लेकिन तेजस्वी ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया और खुद पूर्णिया में कई दिन कैंप कर गए। नतीजे आए तो बीमा भारती 27 हजार वोट ही ला सकीं और उनकी जमानत भी जब्त हो गई। पप्पू ने ना सिर्फ सीट जीती बल्कि लालू और तेजस्वी को करारा जवाब दे दिया। अब रुपौली सीट पर उनकी रणनीति यह लग रही है कि लालू और तेजस्वी कांग्रेस से उनको मनाने के लिए मनुहार करें तब वो समर्थन देंगे।
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पप्पू यादव ने बीमा भारती से मुलाकात पर कहा कि बीमा उनकी बेटी जैसी हैं और घर में किसी के आने पर रोक नहीं है। उन्होंने कहा कि बीमा से मेरा पारिवारिक संबंध है लेकिन परिवार में अलग-अलग विचारधारा हो सकता है। बीमा के समर्थन के सवाल पर पप्पू ने कहा कि बीमा को कांग्रेस सपोर्ट कर रही है, इंडिया गठबंधन भी उनके साथ है। पप्पू ने कहा कि उन्होंने रात तीन बजे तक रुपौली के साथियों के साथ बैठक की है। उन्होंने कहा कि वो ऊपर दिल्ली बात कर रहे हैं। दिल्ली से उन्हें कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से जो भी निर्णय आएगा उसके मुताबिक वो 8 बजे के पहले अपना फैसला शेयर कर देंगे।
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बीमा भारती के पति अवधेश मंडल भी एक बाहुबली हैं। रुपौली में निर्दलीय लड़ रहे शंकर सिंह भी बाहुबली हैं। पप्पू यादव भी बाहुबली रहे हैं। ऐसे में रुपौली का उप-चुनाव राजनीतिक घात-प्रतिघात के साथ बाहुबल का भी बैटलग्राउंड है।
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राजनीति का खेल निराला होता है। एक महीने पहले जिस बीमा भारती की जमानत जब्त कराकर पप्पू यादव ने निर्दलीय ही पूर्णिया लोकसभा चुनाव जीत लिया था, अब वो बीमा भारती रुपौली विधानसभा सीट के उप-चुनाव में समर्थन मांगने पप्पू यादव के घर पहुंच गई हैं। पूर्णिया से लोकसभा लड़ने के लिए बीमा भारती ने जेडीयू और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। आरजेडी ने बीमा भारती को पूर्णिया लोकसभा हारने के बाद उनकी ही खाली सीट रुपौली के उप-चुनाव में भी टिकट दिया है। बीमा भारती 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के टिकट पर 19 हजार वोट से लोजपा के शंकर सिंह को हराकर जीती थीं। शंकर एक बार फिर निर्दलीय लड़ गए हैं क्योंकि लोजपा-आर अब एनडीए में है। जेडीयू ने कलाधर मंडल को टिकट दिया है।
पप्पू यादव ने रुपौली विधानसभा उप-चुनाव में बीमा भारती के समर्थन को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं और कह रहे हैं कि दिल्ली से जब कहा जाएगा तब वो अपना फैसला लेंगे। पप्पू जब पूर्णिया से लोकसभा लड़ रहे थे तब लालू यादव और तेजस्वी यादव ने बीमा भारती को जेडीयू से लाकर लड़ा दिया था। पूर्णिया सीट 2019 में कांग्रेस लड़ी थी और पप्पू को कांग्रेस में शामिल होने के बाद भी निर्दलीय लड़ना पड़ा क्योंकि लालू ने यह सीट आरजेडी के खाते में डाल ली।
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तब कांग्रेस ने लालू और तेजस्वी पर दबाव डाला था कि वो पूर्णिया सीट छोड़ दें लेकिन तेजस्वी ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया और खुद पूर्णिया में कई दिन कैंप कर गए। नतीजे आए तो बीमा भारती 27 हजार वोट ही ला सकीं और उनकी जमानत भी जब्त हो गई। पप्पू ने ना सिर्फ सीट जीती बल्कि लालू और तेजस्वी को करारा जवाब दे दिया। अब रुपौली सीट पर उनकी रणनीति यह लग रही है कि लालू और तेजस्वी कांग्रेस से उनको मनाने के लिए मनुहार करें तब वो समर्थन देंगे।
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पप्पू यादव ने बीमा भारती से मुलाकात पर कहा कि बीमा उनकी बेटी जैसी हैं और घर में किसी के आने पर रोक नहीं है। उन्होंने कहा कि बीमा से मेरा पारिवारिक संबंध है लेकिन परिवार में अलग-अलग विचारधारा हो सकता है। बीमा के समर्थन के सवाल पर पप्पू ने कहा कि बीमा को कांग्रेस सपोर्ट कर रही है, इंडिया गठबंधन भी उनके साथ है। पप्पू ने कहा कि उन्होंने रात तीन बजे तक रुपौली के साथियों के साथ बैठक की है। उन्होंने कहा कि वो ऊपर दिल्ली बात कर रहे हैं। दिल्ली से उन्हें कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से जो भी निर्णय आएगा उसके मुताबिक वो 8 बजे के पहले अपना फैसला शेयर कर देंगे।
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