पिता ने मां-बेटी को जिंदा जलाया था, आजीवन कारावास हुआ: बलरामपुर कोर्ट ने लगाया 3.50 लाख रुपए का जुर्माना, वारदात में भांजे भी शामिल थे – Balrampur News

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पिता ने मां-बेटी को जिंदा जलाया था, आजीवन कारावास हुआ:  बलरामपुर कोर्ट ने लगाया 3.50 लाख रुपए का जुर्माना, वारदात में भांजे भी शामिल थे – Balrampur News

पिता ने मां-बेटी को जिंदा जलाया था, आजीवन कारावास हुआ: बलरामपुर कोर्ट ने लगाया 3.50 लाख रुपए का जुर्माना, वारदात में भांजे भी शामिल थे – Balrampur News


बलरामपुर में मां-बेटी पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 1.75 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिससे कुल जुर्माना 3.50 लाख रुपये हुआ। यह फैसला मिशन शक्ति अभियान और ऑपरेशन कनविक्शन के तहत बलरामपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद आया। यह घटना थाना कोतवाली उतरौला क्षेत्र की है। 11 मई 2025 को महदेईया बाजार बनगवा निवासी डब्लू पुत्र कल्लू ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि उसके पिता कल्लू उर्फ मकसूद अहमद और मामा के लड़के हसरुद्दीन कुरैशी उर्फ हसरु ने उसकी मां और बहन पर ज्वलनशील पदार्थ फेंककर आग लगा दी थी। इस घटना में गंभीर रूप से झुलसी उसकी मां की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। शिकायत के आधार पर कोतवाली उतरौला में तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने परिस्थितिजन्य, भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में एक मजबूत आरोप पत्र दाखिल किया गया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन के तहत इस मामले की लगातार निगरानी की गई। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) कुलदीप सिंह, मॉनीटरिंग सेल प्रभारी बृजानन्द सिंह और कोतवाली उतरौला पुलिस टीम ने न्यायालय में प्रभावी ढंग से अपना पक्ष प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और गवाहों की सशक्त गवाही के माध्यम से आरोपों को सफलतापूर्वक साबित किया। सभी साक्ष्यों और गवाहियों की गहन जांच के बाद, जिला एवं सत्र न्यायालय, बलरामपुर ने अभियुक्त कल्लू उर्फ मकसूद अहमद और हसरुद्दीन कुरैशी उर्फ हसरु को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दोनों पर 1.75-1.75 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। पुलिस अधिकारियों ने इस फैसले को महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और ऑपरेशन कनविक्शन की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

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