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दुश्मनों की खैर नहीं: भारत-पाक बॉर्डर पर तीसरी आंख से कड़ी निगरानी, 2367 सीसीटीवी लगेंगे, घातक पलटन तैनात

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दुश्मनों की खैर नहीं: भारत-पाक बॉर्डर पर तीसरी आंख से कड़ी निगरानी, 2367 सीसीटीवी लगेंगे, घातक पलटन तैनात

दुश्मनों की खैर नहीं: भारत-पाक बॉर्डर पर तीसरी आंख से कड़ी निगरानी, 2367 सीसीटीवी लगेंगे, घातक पलटन तैनात

भारत-पाकिस्तान सीमा पार पाकिस्तान की ओर से नशीले पदार्थों, हथियारों और विस्फोटक सामग्री की सप्लाई रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पंजाब पुलिस की ओर से 585 अति संवेदनशील जगहों पर 2367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन पर 49.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पुलिस ने इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया है।

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इसके अलावा बॉर्डर सिक्योरिटी मैनेजमेंट को और मजबूत करने के लिए, पंजाब पुलिस ने बुलेटप्रूफ गाड़ियों के साथ स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) हिट, स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (एसएसजी) और घातक पलटन टीमों समेत स्पेशल फोर्स भी तैनात की है। पंजाब की करीब 553 किलोमीटर सरहद पाकिस्तान से सटी है और अतिसंवेदनशील है। अधिकतर क्षेत्र में फेसिंग (कंटीली तार) लगे हुए हैं। उन इलाकों में जहां रावी और सतलुज नदियां पाकिस्तान में प्रवेश करती हैं वहां फेसिंग नहीं है। इस इलाकों की सुरक्षा बीएसएफ के साथ-साथ पंजाब पुलिस के लिए भी चुनौती है।

सीमा पार से आए दिन नशीले पदार्थों, हथियारों और विस्फोटक सामग्री की सप्लाई सूबे में हो रही है। इस साल पंजाब पुलिस ने 2,021 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी है। ये नशीला पदार्थ क्राॅस बॉर्डर ड्रग्स सिंडिकेट द्वारा पंजाब भेजा गया। इसके अलावा राइफलें, रिवाॅल्वर, पिस्तौलें, आईईडी, आरडीएक्स, हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर व रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड भी सीमा पार से पंजाब में दहशत फैलाने के लिए भेजे गए। इसी के मद्देनजर पुलिस प्रशासन यहां अपनी निगरानी को और कड़ा करने में जुटा है।

मजबूत होगी सेकंड लाइन सिक्योरिटी

पाकिस्तान से सटे बॉर्डर पर फ्रंट लाइन सिक्योरिटी बीएसएफ के जिम्मे है। इसके बावजूद पंजाब पुलिस ने पिछले दिनों तरनतारन, फिरोजपुर व अमृतसर देहाती जिलों में बॉर्डर पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए। पुलिस का मानना है कि इन जिलों में हथियारों, नशीले पदार्थों व विस्फोटकों की सीमा पार से सबसे ज्यादा तस्करी होती है। अब पंजाब पुलिस बॉर्डर एरिया में सेकंड लाइन सिक्योरिटी को और मजबूत करना चाहती है। इसी के चलते सरहदी इलाकों में तस्करी के मद्देनजर 585 स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां करोड़ों की लागत से इन सीसीटीवी कैमरों को इंस्टॉल किया जा रहा है ताकि यहां हर संदिग्ध हरकत पर पंजाब पुलिस की पैनी नजर बनी रहे।

बॉर्डर एरिया में सीमा पार से होने वाली तस्करी रोकने के लिए पंजाब पुलिस विभिन्न प्रयास कर रही है। सीसीटीवी कैमरे लगाना भी इसी कड़ी में शामिल है। कई विशेष टीमें भी वहां तैनात की गई हैं। सरकार के सहयोग से नई तकनीकों का सहारा लेते हुए सीमा क्षेत्रों में दूसरी पंक्ति की सुरक्षा को और पुख्ता किया जा रहा है।-गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब पुलिस

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