दियूनी से पानी छोड़े जाने के बाद शाहजहांपुर में अलर्ट: एडीएम ने किया निरीक्षण, 71 चौकियां बनाईं, 60 राहत शरणालय चिन्हित – Shahjahanpur News h3>
शाहजहांपुर3 मिनट पहले
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शाहजहांपुर में दियूनी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। एडीएम अरविंद कुमार ने नदी से सटे मोहल्ले और कालोनियों का भ्रमण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर राहत शिविरों की जानकारी दी।
प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए 71 बाढ़ चौकियां बना दी हैं। इन चौकियों पर कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। मंगलवार रात तक शाहजहांपुर में पांच मोटर बोट और दस नावें पहुंच जाएंगी। बाढ़ से संबंधित सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
पिछले साल आई भीषण बाढ़ में नदी से सटे मोहल्ले और कालोनियों में काफी नुकसान हुआ था। इसे देखते हुए एडीएम ने अधिकारियों के साथ इंदिरानगर कालोनी, अक्षरधाम कालोनी, लोधीपुर पटी गली और दनियापुर समेत कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
प्रभावित लोगों के लिए कई राहत शिविर बनाए गए हैं। इंदिरानगर और अक्षरधाम कालोनी के लोगों के लिए गुरुनानक पाठशाला हाईस्कूल में, लोधीपुर के प्रभावितों के लिए एनटीआई स्कूल में, और दनियापुर, उटहा, चौढ़ेरा, गुवारी, सुजातपुर और शाहबाजनगर के लोगों के लिए अटल बिहारी इंटर कालेज में राहत शिविर बनाए गए हैं।
नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में 60 राहत शरणालय चिन्हित कर लिए गए हैं। तहसील कलान में 16 और जलालाबाद में 12 नावें तैनात की गई हैं। सिंचाई विभाग ने आठ बाढ़ सुरक्षा समितियां बनाई हैं जो बांधों पर निगरानी रखेंगी। इसके अलावा 11 पशु शिविर भी चिन्हित किए गए हैं।
एडीएम ने बताया कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए शासन ने पहले से ही एक पीएसी टीम को उपकरणों के साथ शाहजहांपुर भेज दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बाढ़ आने पर उससे निपटने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
बता दें कि सोमवार को डीएम ने बताया था कि दियूनी बांध से 6500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो अगले 72 घंटे में गर्रा नदी में पहुंचेगा। नदी का पांच से छह फुट जलस्तर बढ़ सकता है। फिर भी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नही बनेगी। क्योंकि पानी आने के बाद भी नदी खतरे के निशान से करीब तीन मीटर नीचे रहेगी।
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शाहजहांपुर3 मिनट पहले
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शाहजहांपुर में दियूनी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। एडीएम अरविंद कुमार ने नदी से सटे मोहल्ले और कालोनियों का भ्रमण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर राहत शिविरों की जानकारी दी।
प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए 71 बाढ़ चौकियां बना दी हैं। इन चौकियों पर कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। मंगलवार रात तक शाहजहांपुर में पांच मोटर बोट और दस नावें पहुंच जाएंगी। बाढ़ से संबंधित सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
पिछले साल आई भीषण बाढ़ में नदी से सटे मोहल्ले और कालोनियों में काफी नुकसान हुआ था। इसे देखते हुए एडीएम ने अधिकारियों के साथ इंदिरानगर कालोनी, अक्षरधाम कालोनी, लोधीपुर पटी गली और दनियापुर समेत कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
प्रभावित लोगों के लिए कई राहत शिविर बनाए गए हैं। इंदिरानगर और अक्षरधाम कालोनी के लोगों के लिए गुरुनानक पाठशाला हाईस्कूल में, लोधीपुर के प्रभावितों के लिए एनटीआई स्कूल में, और दनियापुर, उटहा, चौढ़ेरा, गुवारी, सुजातपुर और शाहबाजनगर के लोगों के लिए अटल बिहारी इंटर कालेज में राहत शिविर बनाए गए हैं।
नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में 60 राहत शरणालय चिन्हित कर लिए गए हैं। तहसील कलान में 16 और जलालाबाद में 12 नावें तैनात की गई हैं। सिंचाई विभाग ने आठ बाढ़ सुरक्षा समितियां बनाई हैं जो बांधों पर निगरानी रखेंगी। इसके अलावा 11 पशु शिविर भी चिन्हित किए गए हैं।
एडीएम ने बताया कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए शासन ने पहले से ही एक पीएसी टीम को उपकरणों के साथ शाहजहांपुर भेज दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बाढ़ आने पर उससे निपटने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
बता दें कि सोमवार को डीएम ने बताया था कि दियूनी बांध से 6500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो अगले 72 घंटे में गर्रा नदी में पहुंचेगा। नदी का पांच से छह फुट जलस्तर बढ़ सकता है। फिर भी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नही बनेगी। क्योंकि पानी आने के बाद भी नदी खतरे के निशान से करीब तीन मीटर नीचे रहेगी।
