Advertising
<

डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का विरोध: उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में RMCTA की बैठक, सामूहिक इस्तीफे की दी चेतावनी – Udaipur News

0
डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का विरोध:  उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में RMCTA की बैठक, सामूहिक इस्तीफे की दी चेतावनी – Udaipur News

डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का विरोध: उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में RMCTA की बैठक, सामूहिक इस्तीफे की दी चेतावनी – Udaipur News

उदयपुर के एमबी अस्पताल में हुई बैठक में मौजूद RMCTA के सदस्य।

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और हॉस्पिटलों के अधीक्षकों को निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के आदेशों का विरोध तेज हो गया है। राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RMCTA) उदयपुर इकाई की आज एक महत्वपूर्ण बैठक एमबी हॉस्पिटल में की गई।

.

बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेशों पर गंभीरता से चर्चा की गई। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इन आदेशों पर कड़ी आपत्ति दर्ज की।

बैठक को संबोधित करते RMCTA के सदस्य।

RMCTA उदयपुर के सचिव डॉ. तरुण रलोत ने बताया- 11 नवम्बर को जारी विवादित आदेशों में प्रिंसिपल और अधीक्षक के लिए कई नई शर्तें लागू की गई हैं-जिनमें निजी प्रैक्टिस पर रोक, प्रिंसिपल पद के लिए सीधे चयन पर रोक, 3 वर्ष अधीक्षक/अतिरिक्त प्रिंसिपल और 2 साल विभागाध्यक्ष का अनिवार्य अनुभव, उच्चस्तरीय चयन समिति तथा क्लीनिकल कार्य को 25% तक सीमित करने आदि को लेकर चर्चा की गई।

Advertising

11 नवंबर को मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने 2 आदेश जारी किए थे।

RMCTA सदस्यों ने कहा- यह आदेश चिकित्सकों, विशेषकर वरिष्ठ प्रोफेसरों के हितों पर प्रत्यक्ष आघात है और यह वरिष्ठता, योग्यता तथा प्रशासनिक अनुभव-तीनों की उपेक्षा करता है। आदेश से यह भी स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार राज्य से बाहर के चिकित्सकों को वरिष्ठ पदों पर प्राथमिकता देने की तैयारी कर रही है, जो राजस्थान के शिक्षकों के लिए हानिकारक और अस्वीकार्य है।

किसी भी पद पर अधिकतम आयु 57 साल निर्धारित करना असंवैधानिक है, जबकि सेवानिवृत्ति आयु 65 साल है। सभी सदस्यों ने बताया कि यह आदेश चिकित्सा संस्थानों की कार्यप्रणाली को बाधित करेगा और यह कदम प्रैक्टिशनर डॉक्टरों के लिए चयनात्मक रूप से अवसर सीमित करेगा, जबकि पहले अधिकांश प्रिंसिपल और अधीक्षक उत्कृष्ट चिकित्सक होने के साथ ही कुशल प्रशासक भी रहे हैं।

बैठक में शामिल RMCTA सदस्यगण।

सभी मेडिकल सुपरिटेंडेंट RMCTA के साथ बैठक में उपस्थित सभी मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने RMCTA उदयपुर इकाई के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और कहा कि यह आदेश चिकित्सकों की गरिमा और वरिष्ठता पर प्रहार करता है।

सभी ने कहा कि यदि राज्य सरकार यह आदेश वापस नहीं लेती, तो सभी मेडिकल सुपरिटेंडेंट भी RMCTA के साथ खड़े होंगे और आवश्यकता पड़ने पर सामूहिक इस्तीफे पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में डॉ तरुण रलोत, डॉ हेमंत माहुर, डा. ओपी मीना, आर.एल. मीना, डा उदिता नैथानी, गुरदीप कोर, डा राजेंद्र चंदेल, डा के जी शर्मा, विजय रजक, गौरव जायसवाल, डॉ.अरविंद पाटीदार, गजानंद मित्तल एवं अन्य कई विभागों के फैकल्टी मौजूद रहे।

RMCTA की मांगे

  • विवादित आदेश तुरंत प्रभाव से वापस लिए जाए
  • प्रशासनिक पदों पर चयन प्रक्रिया को पूर्ववत रखा जाए
  • प्रैक्टिस से संबंधित नियमावली को पारदर्शिता, समानता और निष्पक्षता के आधार पर पुनः निर्धारित किया जाए

ये खबर भी पढ़े….

लेकसिटी में ठंड के बीच ‘कैंपफायर’ में SIR:मतदाता और बीएलओ सर्दी से बचते हुए फॉर्म कलेक्शन कर रहे, रात 10 बजे तक कैंप रहता

राजस्थान की और समाचार देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Rajasthan News