कैंसर पीड़ित पत्नी की देखभाल कौन करेगा…इसलिए मार डाला: फिरोजाबाद में दरोगा से नेता बने राकेश ने जेल जाने की टेंशन में पत्नी को मारकर खुद किया सुसाइड – Firozabad News

0
कैंसर पीड़ित पत्नी की देखभाल कौन करेगा…इसलिए मार डाला:  फिरोजाबाद में दरोगा से नेता बने राकेश ने जेल जाने की टेंशन में पत्नी को मारकर खुद किया सुसाइड – Firozabad News

कैंसर पीड़ित पत्नी की देखभाल कौन करेगा…इसलिए मार डाला: फिरोजाबाद में दरोगा से नेता बने राकेश ने जेल जाने की टेंशन में पत्नी को मारकर खुद किया सुसाइड – Firozabad News


यूपी के फिरोजाबाद में दरोगा की नौकरी छोड़कर नेता बने पूर्व कांग्रेस विधायक के बेटे राकेश यादव ने अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद की कनपटी पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया। बेटी ने बताया– मम्मी को लंबे समय से कैंसर था। जिसे लेकर पापा पहले से 2 साल से डिप्रेशन में थे। इसी बीच उन पर गबन का फर्जी मुकदमा हो गया। शनिवार को कोर्ट सुनवाई से लौटने के बाद पापा बहुत टेंशन में थे। कहा था– मुझे जेल जाना पड़ा तो मेरी कैंसर पीड़ित पत्नी की देखभाल कौन करेगा? इसीलिए पापा ने मम्मी को भी मार दिया। मई 2025 में कोर्ट के आदेश पर पूर्व प्रधान और अधिवक्ता राहुल यादव ने राकेश यादव के खिलाफ ढाई लाख रुपए के गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था राकेश ने विद्यालय की कृषि भूमि की आय का गबन किया है। साथ ही फर्जी तरीके से मैनेजर बने हैं। शनिवार को इसी मामले की सुनवाई को लेकर कोर्ट से लौटने के बाद देर रात राकेश ने अपनी पत्नी राममूर्ति देवी की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। एक साथ जली पति–पत्नी की चिताएं पोस्टमार्टम के बाद रविवार सुबह राकेश यादव और उनकी पत्नी राममूर्ति देवी के शव गांव पहुंचे। दोनों के शव देखकर बेटियों, रिश्तेदारों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, राजनीतिक कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। पति–पत्नी की आसपास चिताएं सजाई गईं। बेटी ने दोनों को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में शिकोहाबाद से सपा विधायक डॉ मुकेश वर्मा समेत कई प्रतिष्ठित लोग पहुंचे। दरोगा की नौकरी छोड़ राजनीति में आए थे राकेश यादव के पिता स्वर्गीय जगदीश यादव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे और शिकोहाबाद क्षेत्र से 1980 में विधायक भी चुने गए थे। उनका राजनीतिक संबंध पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के खेमे से माना जाता था। राजनीतिक माहौल में पले-बढ़े राकेश यादव ने वर्ष 1979 में उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा के पद पर नौकरी शुरू की थी। हालांकि वर्ष 1980 में उनके पिता के विधायक बनने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा छोड़ दी और सक्रिय राजनीति में आ गए। 1993 में जनता दल से शिकोहाबाद से विधायक का चुनाव लड़े थे। शरद यादव जी से करीबी थे। उन्होंने क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई और स्थानीय राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव बनाए रखा। 1972 में हुई थी शादी राकेश यादव का विवाह वर्ष 1972 में जसराना क्षेत्र के कनऊआ गांव निवासी प्रतिष्ठित जमींदार चिंतामणि यादव की पुत्री राममूर्ति देवी से हुआ था। परिवार में दो बेटियां हैं, जिनकी शादी प्रतिष्ठित परिवारों में हुई है। मुकदमों और पारिवारिक तनाव की भी होगी जांच पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि घटना के पीछे के सभी कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हाल के दिनों में राकेश यादव किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और क्या मुकदमों, पारिवारिक दबाव तथा पत्नी की बीमारी ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया। मामले में परिजनों और करीबी लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। अब जानिए पूरा मामला… डाहिनी गांव के रहने वाले राकेश यादव (67) के पिता जगदीश यादव 1980 से 1985 तक कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं। अभी राकेश सुभाष तिराहा, शिकोहाबाद में रहते थे। राकेश भी गांव के प्रधान रह चुके हैं। वह आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज के मैनेजर भी थे। आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज की 35 बीघा जमीन लगान पर गांव के अर्जुन सिंह यादव को दी गई थी। आरोप है कि एक साल की अवधि पूरी होने के बाद भी अर्जुन सिंह ने जमीन खाली नहीं की और उस पर कब्जा बनाए रखा। मई 2025 में कोर्ट के आदेश पर पूर्व प्रधान और अधिवक्ता राहुल यादव ने राकेश यादव के खिलाफ ढाई लाख रुपए के गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था राकेश ने विद्यालय की कृषि भूमि की आय का गबन किया है। साथ ही फर्जी तरीके से मैनेजर बने हैं। राहुल यादव रिश्ते में राकेश का भतीजा लगता है। दोनों में लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। इसी कारण राहुल यादव ने राकेश पर मुकदमा कराया था। शनिवार को इसी मामले की तारीख होने की वजह से वह कोर्ट गए थे। घरवालों के अनुसार, कोर्ट से लौटने के बाद वह काफी तनाव में थे। देर रात उन्होंने अपनी पत्नी राममूर्ति देवी (66) की छाती में लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार दी। इसके बाद खुद अपने सिर में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर घरवाले मौके पर पहुंचे। दोनों को अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने राकेश यादव को शिकोहाबाद में ही मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल राममूर्ति देवी को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। पुलिस को मौके से मिली रिवॉल्वर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत एकत्र किए। पुलिस को मौके से लाइसेंसी रिवाल्वर मिली, जिसकी जांच की जा रही है। राकेश के भांजे गौरव यादव ने बताया कि जमीनी विवाद और उससे जुड़े मुकदमों को लेकर राकेश यादव लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। इसी तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। एसएचओ अनुज कुमार राणा ने बताया, शुरुआती जांच में मामला तनाव और जमीनी विवाद से जुड़ा लग रहा है। लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारी गई है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। अब पढ़िए बेटी का पूरा बयान- बेटी बोली- फर्जी मुकदमा कराकर भाई ने ही मेरा परिवार बर्बाद कर दिया बेटी गरिमा यादव ने बताया- पापा पर फर्जी मुकदमा कराकर मेरे चचेरे भाई राहुल यादव ने ही मेरा पूरा परिवार बर्बाद कर दिया। पिता पिछले 2 साल से डिप्रेशन में थे। उन पर धारा- 420 का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया था। इससे वह लगातार परेशान चल रहे थे। हमने उनकी जमानत भी कराई थी। पूरा परिवार इस मामले के बाद दबाव में जी रहा था। नाहर सिंह, विद्याराम वकील समेत कई लोग उनसे मिलने और समझाने आते थे। मैं सबसे यही कहती थी कि पिताजी को समझाइए। धारा- 420 के मामले में 10 साल तक की सजा या आजीवन कारावास हो सकता है। 12 तारीख को उनकी कोर्ट में पेशी थी। वह कोर्ट गए और तारीख लेकर लौटे। उसके बाद काफी तनाव और सदमे में दिखाई दिए। मैंने उनसे कहा कि मैं भी साथ चलती हूं। इस पर उन्होंने कहा कि तू कहां जाएगी लल्ली, तू छोटी बच्ची है। अपने बच्चे को लेकर कोर्ट-कचहरी में कहां-कहां भटकेगी। हम लोग कानून की ज्यादा जानकारी नहीं रखते। न तो कोई रिश्तेदार मदद कर रहा था। न ही कोई हमारा साथ दे रहा था। मैं एक प्रतिष्ठित परिवार की महिला हूं। ऐसे में बार-बार कोर्ट के चक्कर लगाना मेरे लिए भी बहुत कठिन था। गरिमा ने बताया कि मेरी भाभी ने पूरे परिवार पर तलाक का मुकदमा करा रखा है। न सिर्फ मुझ पर, बल्कि मेरे भाई और मेरी बुआ के बेटे पर भी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पिछले 2 साल से पूरा परिवार भय और तनाव के बीच जीवन गुजार रहा है। मैं अपने भाई की जमानत कराने के लिए अकेले पिता के साथ इलाहाबाद तक गई थी। परिवार में कोई पुरुष सदस्य साथ नहीं था। मेरी बुआ विधवा हैं और हमारा सहारा बनने वाला भी कोई नहीं था। गरिमा ने बताया कि हम लोग डर-डर कर समय काट रहे थे। पिताजी अक्सर कहते थे कि सारी संपत्ति बेचकर कहीं और चले जाएंगे। यहां तक कि नेपाल जाने की भी बात करते थे। हम उन्हें समझाते थे कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। लेकिन वह कहते थे कि हमारे बाबा विधायक रहे हैं। इस मामले से परिवार की प्रतिष्ठा पर आंच आई है। ————————– ये खबर भी पढ़ेंः- स्नेक गर्ल को सांप ने डसा, VIDEO:लखीमपुर में खुद बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचीं, अब तक 400 सांपों का रेस्क्यू कर चुकीं
लखीमपुर की फेमस सर्प मित्र नाजरून निशा को रैट स्नेक ने काट लिया। शनिवार को वह सांप को पकड़कर बैग में भर रही थीं, तभी सांप ने उनके हाथ में काट लिया। इसके बाद वह खुद बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचीं और प्राथमिक उपचार लिया। पूरी खबर पढ़िए…

उत्तर प्रदेश की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Uttar Pradesh News