एक लाख की सुपारी देकर करवाई महंत देवानंद की हत्या: मठ पर कब्जा करने के लिए पूर्व समिति के वकील ने रची थी साजिश – Kota News h3>
कोटा के बहुचर्चित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या एक लाख रुपए में कराई थी। ट्रस्ट पर कब्जा करने के लिए पुरानी कार्यकारिणी के वकील ने एक बदमाश को हत्या की सुपारी दी थी। कोटा शहर पुलिस ने छह दिन में इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाते हुए हत्या के मुख्य साजिशकर्ता संतोष राय और बदमाश आदित्य वर्मा को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मठ और ट्रस्ट पर नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद के चलते इस हत्याकांड की साजिश रची गई थी। पुलिस एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया- 5 जून की रात चंद्रेसल मठ में महंत देवानंद महाराज की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, तीन DYSP, सात पुलिस इंसपेक्टर और करीब 100 पुलिसकर्मियों की विशेष जांच टीम गठित की गई। पुरानी कार्यकारिणी में खुद को कार्यकारी अध्यक्ष कर रखा था घोषित जांच में सामने आया कि करीब 1100 वर्ष पुराने चंद्रेसल मठ की सैकड़ों बीघा जमीन और करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार पुरानी कार्यकारिणी से जुड़े वकील संतोष राय ने स्वयं को कार्यकारी अध्यक्ष घोषित कर रखा था और वह मठ के संचालन पर नियंत्रण चाहता था। वहीं महंत देवानंद महाराज नई कार्यकारिणी को कानूनी मान्यता दिलाने के प्रयास में जुटे थे, जिससे दोनों पक्षों में टकराव बढ़ गया। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के चलते संतोष राय ने देवानंद महाराज को रास्ते से हटाने की साजिश रची। उसने आदित्य वर्मा नामक बदमाश को एक लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या के लिए तैयार किया। वारदात से पहले आरोपियों को मठ की पूरी रेकी करवाई गई और महंत की दिनचर्या की जानकारी दी गई। खुद पर शक न जाए, इसके लिए संतोष राय घटना से पहले जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती हो गया। 5 जून की रात आरोपी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मठ पहुंचे। उन्होंने पहले नंदनवन महाराज के कमरे की कुंडी बाहर से लगा दी और फिर देवानंद महाराज के कमरे में घुसकर उन पर चाकुओं से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए बाहर भागे महंत को आरोपियों ने पकड़ लिया और ताबड़तोड़ वार कर मौके से फरार हो गए।
का पुलिस ने 6 दिन बाद खुलासा कर दिया।
तकनीकी साक्ष्यों, साइबर विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता संतोष कुमार राय और सुपारी किलर गिरोह से जुड़े पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि फरार आरोपी आदित्य वर्मा, अंकित बैरवा और अन्य साथियों स्थान के बाहर से डिटेन किया हैं।
