चीन-थाईलैंड संबंध: राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल की मुलाकात, रणनीतिक सहयोग पर जोर
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल के साथ शंघाई में एक महत्वपूर्ण बैठक की। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह मुलाकात दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास और…
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल के साथ शंघाई में एक महत्वपूर्ण बैठक की। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह मुलाकात दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास और सहयोग को और गहरा करने के संकल्प के साथ संपन्न हुई। प्रधानमंत्री अनुतिन अपनी पहली आधिकारिक चीन यात्रा पर हैं, जहां वह विश्व एआई सम्मेलन में भी हिस्सा ले रहे हैं।
बैठक के दौरान राष्ट्रपति शी ने दोनों देशों के सदियों पुराने रिश्तों को 'चीन और थाईलैंड एक परिवार' की भावना से परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि चीन अपनी पड़ोसी कूटनीति में थाईलैंड के साथ संबंधों को एक विशेष स्थान देता है और हमेशा से एक विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार रहा है।
सहयोग के नए क्षेत्र
शी जिनपिंग ने भविष्य में सहयोग के लिए कई प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया। उन्होंने रेल संपर्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एयरोस्पेस, और स्वच्छ ऊर्जा जैसे तकनीकी क्षेत्रों में मिलकर काम करने का आह्वान किया। इसके अलावा पर्यटन, मीडिया और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर बल दिया गया। उन्होंने दोनों देशों के बीच विदेश और रक्षा मंत्रियों के '2+2' रणनीतिक संवाद तंत्र का प्रभावी उपयोग करने की भी बात कही।
थाईलैंड का पक्ष और प्रतिबद्धता
थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने चीन को थाईलैंड का एक भरोसेमंद मित्र बताते हुए एक-चीन नीति के प्रति अपने देश की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने व्यापार, निवेश और उच्च प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने की इच्छा व्यक्त की। साथ ही, दोनों नेताओं ने ऑनलाइन जुआ और दूरसंचार धोखाधड़ी जैसी समस्याओं से संयुक्त रूप से निपटने पर भी सहमति जताई।
इसके अतिरिक्त, अनुतिन ने कहा कि थाईलैंड राष्ट्रपति शी द्वारा प्रस्तुत चार वैश्विक पहलों का सक्रिय समर्थन करता है। उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों जैसे एपेक, चीन-आसियान और लांकांग-मेकोंग सहयोग में चीन के साथ समन्वय मजबूत करने की बात कही, ताकि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।
इनपुट: IANS



