AI का भविष्य: वैश्विक शासन के लिए चीन ने पेश किए चार सिद्धांत, साझा सहयोग पर दिया ज़ोर
शंघाई में चल रहे विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन (WAIC) 2026 में वैश्विक AI शासन का मुद्दा केंद्र में है। इस महत्वपूर्ण मंच से चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक ऐसी वैश्विक AI व्यवस्था बनाने का…
शंघाई में चल रहे विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन (WAIC) 2026 में वैश्विक AI शासन का मुद्दा केंद्र में है। इस महत्वपूर्ण मंच से चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक ऐसी वैश्विक AI व्यवस्था बनाने का आह्वान किया है जो निष्पक्ष और संतुलित हो। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तीव्र विकास से जुड़ी चुनौतियों को रेखांकित करते हुए दुनिया के सामने चार प्रमुख सुझाव रखे हैं।
चीन के ये प्रस्ताव ऐसे समय में आए हैं जब दुनिया भर में AI के नियमन और इसके सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ी हुई है। सम्मेलन में अपने मुख्य भाषण के दौरान राष्ट्रपति शी ने कहा कि जब मशीनें सोचने लगें और एल्गोरिदम फैसलों को प्रभावित करने लगें, तो मानव समाज को एक संतुलित शासन व्यवस्था विकसित करने की ज़रूरत है।
चीन के चार सूत्रीय प्रस्ताव
वैश्विक AI शासन प्रणाली के लिए शी चिनफिंग ने चार सिद्धांत सामने रखे। इनमें खुलेपन और सहयोग पर आधारित AI नवाचार, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जोखिमों के प्रति सतर्कता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए AI के विविध उपयोग और सच्चे बहुपक्षवाद पर आधारित वैश्विक सहयोग को मजबूत करना शामिल है। विश्लेषकों का मानना है कि ये सिद्धांत विकास, सुरक्षा, सभ्यता और शासन के चार अहम आयामों को समेटते हैं।
तकनीकी ताकत और वैश्विक सहयोग
चीन AI के क्षेत्र में अपनी बढ़ती तकनीकी ताकत का भी प्रदर्शन कर रहा है। देश की बुद्धिमान अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख उद्योगों का आकार 10 खरब युआन से अधिक हो चुका है और उसके ओपन सोर्स AI मॉडलों के डाउनलोड की संख्या 10 अरब से ज़्यादा है, जो दुनिया में सर्वाधिक है। इन उपलब्धियों के साथ-साथ चीन वैश्विक सहयोग पर भी ज़ोर दे रहा है। पिछले साल प्रस्तावित विश्व AI सहयोग संगठन के स्थापना समझौते पर इस वर्ष हस्ताक्षर किए गए हैं, जो इस क्षेत्र में दुनिया का पहला अंतर-सरकारी संगठन होगा।
विकासशील देशों के लिए पहल
चीन ने AI के लाभ को अधिक से अधिक देशों तक पहुंचाने के लिए कई ठोस कदमों की घोषणा की है। अगले पांच वर्षों में, चीन विकासशील देशों के लिए AI से जुड़े 5,000 प्रशिक्षण अवसर उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा, वह आसियान, अरब लीग, अफ्रीकी संघ, एससीओ और ब्रिक्स जैसे संगठनों के साथ AI अनुप्रयोग सहयोग केंद्र स्थापित करेगा। साथ ही, 'माज़ू' नामक AI आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को 30 देशों में तैनात करने की भी योजना है।
17 से 20 जुलाई तक आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में 300 से अधिक अत्याधुनिक AI उत्पाद पहली बार प्रदर्शित किए जा रहे हैं और 1400 से ज़्यादा विशेषज्ञ AI के भविष्य पर चर्चा कर रहे हैं। चीन ने दोहराया है कि वह AI के स्वस्थ और जिम्मेदार विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है।
इनपुट: IANS



