बिहार के मंत्री मेवा लाल चौधरी को इस्तीफा क्यों देना पड़ा?

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बिहार के मंत्री मेवा लाल चौधरी को इस्तीफा क्यों देना पड़ा?

बिहार की राजनीति में मेवालाल चौधरी की चर्चा सब ओर हो रही है. शिक्षा मंत्री मेवालाल ने अपना पद संभालने के कुछ ही घंटे के भीतर इस्तीफा दे दिया है. मेवालाल चौधरी ने गुरुवार को ही भारी हंगामे के बीच शिक्षा विभाग का पदभार संभाला था. मंत्री पद की शपथ लेने के तीन दिन बाद ही मेवालाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. दिलचस्प ये भी है कि मेवालाल चौधरी नीतीश कुमार की इस कैबिनेट में सबसे अमीर मंत्री थे.

दरअसल, मेवालाल चौधरी पर भ्रष्टचार के आरोप लगे हैं. सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार ने मेवालाल से इस्तीफा देने को कहा था. राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और प्रदेश सरकार की कैबिनेट में मंत्री अशोक चौधरी को फिलहाल शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. मेवालाल ने करीब एक बजे अपना कार्यभार संभाला और 2 बजे तक इस्तीफा भी दे दिया.

नीतीश कुमार की इस कैबिनेट में सबसे अमीर मंत्री मेवालाल चौधरी थे. एडीआर के मुताबिक मेवालाल चौधरी के पास 12.31 करोड़ रुपए की संपत्ति है. मेवालाल चौधरी पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रहते समय भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी.

विपक्षी दल आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) भी पिछले दो दिन से लगातार मेवालाल चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर और उनकी पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले में मेवालाल की कथित संलिप्तता को लेकर जांच की मांग कर रही थी.

बता दें कि 2017 में मेवालाल चौधरी पर भागलपुर के सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रहते हुए नौकरी में भारी घपले बाजी करने का आरोप है. उनके ऊपर आरोप है कि कुलपति रहते हुए उन्होंने 161 असिस्टेंट प्रोफेसर की गलत तरीके से बहाली की. इस मामले को लेकर उनके ऊपर प्राथमिकी भी दर्ज है.

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