सोमवार, 13 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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उत्तरप्रदेश में निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए कहां आवेदन किया जाए और उसकी प्रक्रिया

भारत में उच्च शिक्षा महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में दी जाती हैं. जो कुछ केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा खोले जाते हैं.

उत्तरप्रदेश में निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए कहां आवेदन किया जाए और उसकी प्रक्रिया

भारत में उच्च शिक्षा महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में दी जाती हैं. जो कुछ केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा खोले जाते हैं. इसके साथ ही कुछ महाविद्यालय और विश्वविद्यालय निजी भी होते हैं. जिनको UGC द्वारा मान्यता प्राप्त होती है. लेकिन विश्वविद्यालयों को खोलने की प्रक्रिया इतनी भी आसान नहीं होती है. उसके लिए कुछ नियम और कानून होते हैं. सभी राज्य के अपने कुछ नियम भी होते हैं निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए. उत्तरप्रदेश सरकार ने भी निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए एक प्रक्रिया बना रखी है.

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उत्तरप्रदेश विश्वविद्यालय

अगर आप उत्तरप्रदेश में निजी विश्वविद्यालय खोलना चाहते हैं, तो उसके लिए सबसे पहले तो आपको UGC राज्य सरकार की तरफ से मानक तय किए गए हैं. उनको पूरा करना होता है. इसके बाद कोई निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए प्रस्ताव और परियोजना रिपोर्ट से अंतर्विष्ट आवेदन , आवेदन करने वाली संस्था द्वारा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किए गए आवेदन शुल्क के साथ  राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा. जिसमें विश्वविद्यालय का नाम , उद्देश्य , भूमि की उपलब्धता और आने वाले  5 सालों के खर्चे इत्यादि की जानकारी होती है.

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उत्तरप्रदेश विश्वविद्यालय

जब परियोजना रिपोर्ट के साथ प्रस्ताव राज्य सरकार को प्राप्त होगा तो राज्य सरकार का उच्च शिक्षा विभाग एक समिति गठित करेगा. जिसका कार्य आपकी परियोजना रिपोर्ट और प्रस्ताव का मूल्यांकन करना होगा. यह समिति 3 महिने के अंदर इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजेगी. अगर 3 महिने में रिपोर्ट नहीं दे पाती तो कुछ अतिरिक्त समय की समिति द्वारा राज्य सरकार से मांग की जा सकती है.इस समिति की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार को लगे की विश्वविद्यालय की स्थापना करना औचित्यपूर्ण है तो वह आशय-पत्र जारी कर सकती है. अगर इसके बाद राज्य सरकार को लगता है कि इस निकाय ने धारा 6 की उपधारा 1 का पालन किया है तो गजट में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा आशय-पत्र के अनुसार नाम और स्थान से संचालित करने की विश्वविद्यालय को अनुज्ञा दे सकता है.  

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विश्वविद्यालय की अनुज्ञा मिलने के बाद राज्य सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. इसके साथ ही विश्वविद्यालय धर्म जाति के आधार पर किसी से भेद-भाव नहीं कर सकता है. उसके विभाग नियुक्तियों तथा कुलपति की नियुक्ति में राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करना होगा.

इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें और उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा पारित निजी विश्वविद्यालय अधिनियम डाउनलोड करें

KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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