जानियें, बाब रामदेव ने भारत-चीन तनाव पर क्या कहा?

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जानियें, बाब रामदेव ने भारत-चीन तनाव पर क्या कहा?
जानियें, बाब रामदेव ने भारत-चीन तनाव पर क्या कहा?

बीते कुछ दिनों से भारत और चीन के बीच तनाव का मामला चल रहा है, जिसकी वजह से भारत-चीन के रिश्तों में काफी कड़वाहट आ गई है। रिश्तों में इतनी ज्यादा कड़वाहट आ चुकी है कि बात युद्ध तक पहुंच चुकी है। आपको बता दें कि डोकलाम पर भारत चीन के बीच तनाव दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। चीन अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध की धमकी भारत को दे रहा है। भारत सरकार भी हर मोर्चे पर चीन को डटकर जवाब दे रही है। जी हाँ, ऐसे माहौल में योगगुरु बाबा रामदेव ने चीन पर बड़ा बयान दिया है। योगगुरू बाबा रामदेव ने आखिर ऐसा क्या कह दिया है जिसकी वजह से वो मीडिया की सुर्खियों में छा गये है। तो चले आपको बतातें है कि आखिर बाबा रामदेव ने क्या कहा है? बाबा रामदेव ने कहा है कि चीन को अब युद्ध से जवाब देना चाहिए, उसे योग की भाषा समझ नहीं आती है।

आखिर क्या कहा बाबा रामदेव ने

आपको बता दें कि मुंबई में आयोजित विश्वशांति के कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने अपने भाषण के दौरान पहले तो पुरी दुनिया से गुजारिश की कि बापू के अहिंसा के मार्ग पर चलकर दुनिया में भाईचारा स्थापित किया जाए, लेकिन जब बात चीन पर आई तो बाबा भड़क गए। बाबा रामदेव ने कहा कि अब जब चीन को योग की भाषा नहीं समझ आ रही है, तो उसे युद्ध की भाषा में जवाब देना चाहिए। बाबा रामदेव के बयान पर गौर किया जाए तो यह साफ जाहिर होता है कि बाबा रामदेव अब चीन से युद्ध करने की सलाह दे रहे है।

बाबा रामदेव यही नहीं रूके उनका आक्रोश चरम पर था। योगगुरू रामदेव ने कहा कि चीन ने दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर अपने सामान से कब्जा कर रखा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर चीन को हराना है, तो सबसे पहले चीनी माल का संपूर्ण बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाएं। हालांकि बाबा रामदेव का कहना सही है कि चीन ने पूरी दुनिया पर अपने बाजार का कब्जा जमा रखा है, और एक रिपोर्ट के अनुसार तो चीन का सबसे बड़ा बाजार भारत ही है। ऐसे में अगर भारत ने चीनी बाजार का बहिष्कार किया तो चीन के लिए यह करारी हार होगी।

बहरहाल, बाबा रामदेव का बयान उनका निजी मामला है, लेकिन देश से विदेशी बाजार को निकाल फेंकना होगा, जैसे आजादी दिलवाने के लिए अंग्रेजों को बाहर का रास्त दिखाया गया था, आज उसी तरह की एकता की जरूरत है, आज चीन को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए सबसे पहले उसकी अर्थव्यवस्था को तोड़ना होगा, इसके लिए चीनी बाजार का बहिष्कार करना ही होगा।

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