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हिमाचल प्रदेश में बने अटल टनल की क्या खासियत है?

https://youtu.be/ncO-fdCUxvU प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की सबसे लंबी हाइवे टनल 'अटल सुरंग' का उद्घाटन कर दिया है।

हिमाचल प्रदेश में बने अटल टनल की क्या खासियत है?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की सबसे लंबी हाइवे टनल 'अटल सुरंग' का उद्घाटन कर दिया है। अब यह टनल आम लोगों की आवाजाही के लिए खुल जाएगी। इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जय राम ठाकुर भी मौजूद रहे। पीएम मोदी इसके बाद कुछ जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। बता दें कि समुद्र तल से 10,000 फीट ऊंचाई में बनी यह सुरंग लेह को मनाली से जोड़ती है। यह सुरंग भारत और चीन की सीमा से ज्‍यादा दूर नहीं है इसलिए रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्‍वपूर्ण है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल में बिताए दिनों को याद किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मोदी अक्‍सर यहां आया करते थे। मोदी ने कहा, "आज सिर्फ अटल जी का ही सपना नहीं पूरा हुआ है, आज हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का भी दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज अटल टनल के लोकार्पण का अवसर मिला है।" पीएम मोदी ने कहा कि 'इस टनल से मनाली और केलॉन्ग के बीच की दूरी 3-4 घंटे कम हो ही जाएगी। पहाड़ के मेरे भाई-बहन समझ सकते हैं कि पहाड़ पर 3-4 घंटे की दूरी कम होने का मतलब क्या होता है।'

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पीएम मोदी ने कहा कि वाजपेयी सरकार जाने के बाद इस प्रोजेक्‍ट को ठंडे बस्‍ते में डाल दिया गया। उन्‍होंने कहा, "साल 2002 में अटल जी ने इस टनल के लिए अप्रोच रोड का शिलान्यास किया था। अटल जी की सरकार जाने के बाद, जैसे इस काम को भी भुला दिया गया। हालत ये थी कि साल 2013-14 तक टनल के लिए सिर्फ 1300 मीटर का काम हो पाया था। एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस रफ्तार से 2014 में अटल टनल का काम हो रहा था, अगर उसी रफ्तार से काम चला होता तो ये सुरंग साल 2040 में जाकर पूरा हो पाती। आपकी आज जो उम्र है, उसमें 20 वर्ष और जोड़ लीजिए, तब जाकर लोगों के जीवन में ये दिन आता, उनका सपना पूरा होता।"

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अटल सुरंग बनने से पहले यह घाटी भारी बर्फबारी के कारण लगभग छह महीने तक संपर्क से कटी रहती थी। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण यह सुरंग हिमालय की पीर पंजाल श्रृंखला में औसत समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर अति-आधुनिक विशिष्टताओं के साथ बनाई गई है। इस सुरंग से मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय भी चार से पांच घंटे कम हो जाएगा। अटल सुरंग को अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ प्रतिदिन 3000 कारों और 1500 ट्रकों के यातायात घनत्‍व के लिए डिजाइन किया गया है।

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Shashwat

शशवत News4Social के वरिष्ठ संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय घटनाक्रम, ताज़ा समाचार और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जटिल जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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