गुरूवार, 16 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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बच्चों को तेज बुखार में झटके आने का क्या मतलब है और उपाय ?

वर्तमान समय में स्वास्थ्य संबंधित कई तरह की समस्याएं हमारे सामने आती है. ये तब और अधिक डरावनी या संवेदनशील हो जाती है, जब छोटे बच्चों को ये समस्याएं आती हैं.

बच्चों को तेज बुखार में झटके आने का क्या मतलब है और उपाय ?

वर्तमान समय में स्वास्थ्य संबंधित कई तरह की समस्याएं हमारे सामने आती है. ये तब और अधिक डरावनी या संवेदनशील हो जाती है, जब छोटे बच्चों को ये समस्याएं आती हैं. इसी कारण लोग बच्चों में होने वाली स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के प्रति ज्यादा सजग होते हैं. उनके मन में बच्चों की बीमारी से संबंधित कई तरह के सवाल होते हैं. इसी तरह का एक सवाल जो आमतौर पर पूछा जाता है कि बच्चों को तेज बुखार में झटके आने का क्या मतलब है और उपाय ? अगर आपके मन में भी ऐसा ही सवाल है , तो इस पोस्ट में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.

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बच्चे का बुखार

बच्चों को तेज बुखार में झटके आना -

बुखार आना एक आम बात है. इसके पीछे कई तरह के कारण हो सकते हैं. आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि बुखार 3 से 4 दिन में चला भी जाता है. इसी कारण लोग इसको गंभीरता से नहीं लेते हैं. लेकिन यह तब समस्या बन जाता है, जब बुखार बच्चों में आता है. इसके साथ ही तेज बुखार के साथ साथ बच्चे को झटके भी आने लगते हैं. इन झटकों को मिर्गी या दौरे भी कहते हैं. जब बुखार बहुत तेज होता है , तो यह बच्चे के दिमाक में चढ़ जाता है. जिसके कारण उसके दिमाक में करंट जैसे झटके लगने महसूस होते हैं. काफी बार देखा जाता है कि बच्चे की आंख ऊपर की तरफ चली जाती है, शरीर में अकडन हो जाती है. इसके अलावा कई बार बच्चे के मुँह से झाग भी आना शुरू हो जाता है. हालांकि इस तरह के झटके एक या दो मिनट में ठीक हो जाते हैं तथा काफी बार से 10 से 15 मिनट तक भी खिंच जाते हैं. इसको लंबे समय तक इग्नोर करना बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. इसी कारण उसको तुरंत डॅाक्टर को दिखाना चाहिएं.

convulsiones
बुखार में झटके

उपाय या उपचार-

अगर कभी बच्चों के साथ ऐसी स्थिति होती है, तो तेज बुखार आने पर तुरंत बच्चे को गीले कपड़े से पौछना चाहिेएं. तापमान कम होते ही बाल रोग विशेषज्ञय से संपर्क करना चाहिएं. इसके अलावा जब तेज बुखार में बच्चे को झटका आता है, तो उसे एक करवट लिटा देना चाहिेएं. इस समय उसको खाने पीने की सामग्री नहीं देनी चाहिएं. इसके अलावा यह भी ध्यान ऱखना आवश्यक है कि ऐसी स्थिति में मुँह पर पानी नहीं डालना चाहिेएं. अगर दौरे के दौरान समय पर इलाज ना होने पर बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है. ऐसी स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिएं.

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जब बच्चे को तेज बुखार के कारण झटके आते हैं, ऐसी स्थिति में उन्हे रोकने के लिए बल का प्रयोग ना करें. इसके साथ ही यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि कभी भी बच्चे के मुँह में उंगली , पानी या चम्मच नहीं डालनी चाहिएं. यह समस्या आमतौर पर छोटे बच्चों में देखने को मिलती है. आमतौर पर ये झटके संक्रमण के बुखार के बाद आ जाते हैं. काफी बार यह समस्या पारिवारिक भी हो सकती है, इसका अर्थ है कि माता-पिता को इस तरह की समस्या हो तथा वह उनसे बेटे में आ सकती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. News4social इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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