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यदि व्यापारी किसान की फसल के रूपए न दे तो कानूनी उपाय क्या है ?

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किसान और व्यापारी
किसान और व्यापारी

भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ पर ज्यादातर लोग कृषि कार्यों से जुडे हुए हैं. किसानों की बात करें, तो किसानों में साक्षरता की दर बहुत कम पाई जाती है. जिसके कारण उनके सामने अनेंक समस्याएं आती रहती है. फसल पर मौसम की मार ना पड़े और सही रेट मिल जाए तो कई बार व्यापारी भी उनकी फसल लेकर पैसा देने के समय पर फरार हो जाते हैं. इस तरह के मामले भी आते रहते हैं.

किसान और पैसा

लेकिन देश में यदि कोई व्यापारी किसान से उसकी फसल लेकर पैसे देने के वक्त फरार हो जाता है, तो कानूनी तौर पर किसान के पास ज्यादा विकल्प मौजूद नहीं हैं. लेकिन फिर भी अगर किसान के सामने इस तरह की समस्या आती है, तो वह SDM को इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसी तरह का एक मामला मध्यप्रदेश के ग्वालियर में सामने आया. जिसमें एक व्यापारी पैसे लेकर फरार हो गया. जिसके बाद उसकी शिकायत एसडीएम को की गई. जिसके लिए एक बोर्ड का गठन किया गया. किसान को पैसा दिलाने के लिए व्यापारी की संपत्ति कर्क करने का निर्णय लिया गया.  

किसान

इसके अलावा किसान को व्यापारी पैसा ना दे तो किसान थाने में भी इससे सबंधित धोखाधड़ी की शिकायत दर्जा करा सकता है या फिर कोर्ट का सहारा ले सकता है. इसके अलावा किसान को भी व्यापारी को फसल बेचते समय सचेत रहना चाहिए तथा व्यापारी से संबंधित सभी जानकारी रखनी चाहिए जैसे कि उसका नाम , पत्ता इत्यादि. ताकि धोखाधड़ी की संभावना को कम से कम किया जा सके.

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सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों के बाद किसानों के साथ व्यापारियों द्वारा किए गए धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं तथा इसके साथ ही कुछ मामलों में प्रशासन की तरह से किसानों की मद्द की गई है इस तरह के मामले भी देख गए हैं.