योगी और साधु तपस्या करते है और तपस्या में लीन रहने के कारण वो कभी भी बाल, दाढ़ी या पजीर अपने नाख़ून को नहीं काटते, वो अपने जीवन का अधिकतम समय तपस्या में लगाते है इसलिए उन्हें इन सब चीज़ों की सुध नहीं होत…
साधु लोग अपने गले में माला धारण करे रहते है। शैव संप्रदाय के लोग रुद्राक्ष की माला धारण करते है। भस्म की तरह नागाओं को रुद्राक्ष भी बहुत प्रिय है। कहा जाता है रुद्राक्ष भगवान शिव के आंसुओं से उत्पन्न…
ये मालाएं साधारण नहीं होतीं। इन्हें बरसों तक सिद्ध किया जाता है। ये मालाएं साधु की आभा का प्रतीक होता है। यह भी माना जाता है कि अगर कोई नागा साधु किसी पर खुश होकर अपनी माला उसे दे दे तो उस व्यक्ति को…
यह भी पढ़ें : हनुमान जी के मंदिर में किस दिन नारियल चढ़ाना होता है शुभ मंगलवार या शनिवार
आपने अधिकतर साधु को देखा होगा कि लम्बे बाल और रुद्राक्ष के साथ यह उनका काफी महतवपूर्ण श्रृंगार होता है , जो उन्हें वास्तविक दुनिया से अलग दिखता है।
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें