गहमर को एशिया का सबसे बड़ा गांव कहा जाता है। यहां की पॉपुलेशन करीब 1 लाख 20 हजार से ऊपर है। गांव की सबसे बड़ी खासियत है- यहां हर घर से कोई न कोई सेना में है। बताया जाता है- 1530 में ये गांव बसा था।
गाजीपुर जिले से 40 किमी दूरी पर यह गांव स्थित है। गहमर में एक रेलवे स्टेशन है, जो पटना और मुगलसराय से जुड़ा है।
गांव के 12 हजार फौजी भारतीय सेना में जवान से कर्नल तक पदों पर हैं, जबकि 15 हज़ार से अधिक भूतपूर्व सैनिक हैं। कई ऐसे परिवार भी हैं, जिसमें दादा भूतपूर्व सैनिक हैं तो बेटा सेना का जवान। वहीं, पोता सैनिक…
बिहार-उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसा ये गांव करीब 8 वर्गमील में फैला है। लगभग 1 लाख 20 हज़ार आबादी वाला यह गांव 22 पट्टी या टोले में बंटा हुआ है। प्रत्येक पट्टी किसी न किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम पर है।
विश्व युद्ध से लेकर कारगिल में लिया था भाग
प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध हो या 1965 या फिर 1971 का युद्ध या कारगिल की लड़ाई, यहां के फौजियों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। विश्वयुद्ध के समय में अंग्रेजों की फौज में गहमर के 228 सैनिक शामिल थे। जिनमें…
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