मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध (Lord Buddha) कहा करते थे कि इस संसार में अति दो प्रकार की होती है. पहली अति भोग-विलास में, काम-सुख में मनुष्य डूब जाता है. भूले हुए लोग इसी अति में पड़ते हैं. दूसरी अ…
विभिन्न संसाधनों के जरिए खुद को कई प्रकार से कष्ट में डालना. दोनों अति को छोड़कर तथागत ने एक मध्यम मार्ग खोज निकाला, जिसे अष्टांगिक मार्ग कहते हैं. महात्मा बुद्ध के अनुसार, जो भी मनुष्य आष्टांगिक मार्ग…
भगवान बुद्ध (Lord Buddha) ने कहा था मनुष्य को जंगली जानवर से नहीं बल्कि एक दुष्ट और कपटी मित्र से डरना चाहिए. जंगली जानवर केवल मनुष्य के शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, परन्तु एक बुरा मित्र दिमाग को भी…
घृणा करने से नहीं बल्कि प्रेम से कम होती है ये शाश्वत नियम है.
मनुष्य को कभी भी अतीत के बारे में नहीं सोचना चाहिए. केवन भविष्य का सपना देखते हुए वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.
भगवान बुद्ध ने कहा था, खुद कोशिश करने की मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है. इसके लिए किसी भी दूसरे मनुष्य पर निर्भर नहीं होना चाहिए.
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