भारत की पंचायती राज प्रणाली में गाँव या छोटे कस्बे के स्तर पर ग्राम पंचायत या ग्राम सभा होती है जो भारत के स्थानीय स्वशासन का प्रमुख भाग है. सरपंच, ग्राम सभा का चुना हुआ सर्वोच्च प्रतिनिधि होता है. क्…
शक्ति के विकेंद्रिकरण को ध्यान में रखकर ग्राम पंचायत की अवधारणा का विकास हुआ. हर गाँव की एक पंचायत होती है. उस गाँव के लोग अपने में से ही पंच और सरपंच का चुनाव करते हैं. जिनका काम गाँव स्तर पर प्रशासन…
1947 ई. तक ग्रामों में सही पंचायत व्यवस्था का अभाव ही रहा. देश के आजाद होने के बाद पंचायत व्यवस्था को पुनर्जीवित करने के सक्रिय प्रयास शुरू हुए. उत्तर प्रदेश में सन् 1947 में पंचायत राज अधिनियम…
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भारतीय संविधान के अंतर्गत "राजनीति के निदेशक तत्वों" में राज्य का यह प्रमुख कर्तव्य बतलाया गया कि "वह ग्राम पंचायतों का संगठन करने के लिए अग्रसर हो" तथा "उनको ऐसी शक्तियाँ और अधिकार प्रदान करे जो उन्ह…
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