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महाशिवरात्रि की रात को ऐसा खास क्या होता है?

(फोटो: IANS)

अमावस्या से पहले आने वाली रात को शिवरात्रि कहा जाता है। यह रात महीने की सबसे अँधेरी रात होती है। उत्तरायण के समय जब धरती के उत्तरी गोलार्ध में सूरज की गति उत्तर की ओर होती है, तो एक ख़ास शिवरात्रि को…

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रात्रि के साथ शिव शब्द इसलिए जोड़ा गया क्योंकि शिव का अर्थ होता है वह जो नहीं है। सृष्टि का अर्थ है वह जो है। इसलिए सृष्टि के स्त्रोत को शिव नाम से जाना गया। शिव शब्द के अर्थ से ज्यादा महत्वपूर्ण है व…

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एक कैलेंडर वर्श में आने वाली सभी शिवरात्रियों में से, महाशिवरात्रि, को सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, जो फरवरी-मार्च माह में आती है। इस रात, ग्रह का उत्तरी गोलार्द्ध इस प्रकार अवस्थित होता है कि मन…

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आदि योगी, जिन्होंने योग की तकनीक सप्त ऋषियों के माध्यम से सारे विश्व तक पहुंचाई, को भी हम शिव कहते है हर महीने की सबसे अंधेरी रात शिवरात्रि होती है, यह अमावस्या से एक दिन पहले की रात होती है। साल में…

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खास तौर पर यहां, वेलंगिरि पहाडिय़ों में यह और भी ज्यादा है। आधुनिक विज्ञान में और काफी पहले से योग विज्ञान में यह बात सिद्ध हो चुकी है कि शून्य डिग्री अक्षांश से यानि विषुवत रेखा या इक्वेटर से तैंतीस ड…

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