ललाट अर्थात माथे पर भस्म या चंदन से तीन रेखाएं बनाई जाती हैं उसे त्रिपुंड कहते हैं. आप में से ज्यादात्तर लोग सोच रहें होंगें कि चंदन से बनी ये तीन रेखाएं सिर्फ माथे पर ही बनाई जाती हैं. त्रिपुंड हमारे…
अगर इन अंगों की बात करें तो इनमें मस्तक, ललाट, दोनों कान, दोनों नेत्र, दोनों कोहनी, दोनों कलाई, हृदय, दोनों पाश्र्व भाग, नाभि, दोनों अण्डकोष, दोनों अरु, दोनों गुल्फ, दोनों घुटने, दोनों पिंडली और दोनों…
सभी अंगों पर अलग-अलग देवताओं का वास होता है. जैसे- मस्तक में शिव, केश में चंद्रमा ठीक उसी तरह दोनों कानों में रुद्र और ब्रह्मा जी का वास होता है. शिवजी भगवान का पौराणिक नाम रूद्र है. इस तरह अगर हम हमा…
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कानों पर चंदन लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है. चंदन से बनी तीन रेखाएं यानी की त्रिपंड को हम माथे के अलावा भी शरीर के काफी अंगों पर लगा सकते हैं. जिसका अपना विशेष महत्व रहता है. सभी अंग अलग-अलग देवताओं…
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