टेक्नोलॉजी

भारतीय वैज्ञानिकों का कमाल: विमान और अंतरिक्ष यान बनेंगे और मज़बूत, नई 3-डी कंपोजिट तकनीक को मिला पेटेंट

(फोटो: IANS)

हवाई जहाज, अंतरिक्ष यान और रक्षा उपकरणों को हल्का लेकिन पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत बनाने की दिशा में भारतीय शोधकर्ताओं ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय प्रौद्योगि…

(फोटो: IANS)

यह नई तकनीक उन सामग्रियों को बेहतर बनाती है जिनसे आजकल के आधुनिक विमान और रॉकेट बनते हैं। इन्हें फाइबर-रीइन्फोर्स्ड पॉलिमर (एफआरपी) कंपोजिट कहा जाता है, जो धातुओं से बहुत…

(फोटो: IANS)

शोधकर्ताओं ने एक नया 3-डी रीइन्फोर्स्ड हाइब्रिड कंपोजिट तैयार किया है, जिसमें ग्लास फाइबर और ग्राफीन नैनोप्लेटलेट्स का इस्तेमाल किया गया है। निर्माण के दौरान इन दोनों को…

(फोटो: IANS)

एनआईटी राउरकेला के सहायक प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार प्रस्ती के अनुसार, यह तकनीक उन सभी जगहों पर काम आएगी जहाँ हल्के लेकिन अत्यधिक मज़बूत और क्षति-सहनशील मटेरियल की ज़रूरत ह…

(फोटो: IANS)

विशेषज्ञों का मानना है कि विमान का वजन कम होने और मज़बूती बढ़ने से ईंधन की खपत घटती है, रखरखाव का खर्च कम होता है और विमान की परिचालन क्षमता बढ़ती है। प्रयोगशाला में हुए…

(फोटो: IANS)

एनआईटी के प्रोफेसर बंकिम चंद्र राय ने कहा, "यह तकनीक हल्के और मजबूत मटेरियल के जरिए ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, रखरखाव लागत कम करने और सतत विनिर्माण को बढ़ावा देने में मदद करेगी…

(फोटो: IANS)

पूरी खबर News4Social पर पढ़ें

(फोटो: IANS)
पूरी खबर पढ़ें →