भारत में रियल-टाइम डिजिटल भुगतान के मामले में आज दुनिया के अग्रणी देशों में गिना जाता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, आज दुनिया में होने वाले हर दो रियल-ट…
एक समय था जब चाय, किराना या सब्ज़ी जैसी छोटी-मोटी खरीदारी के लिए भी नकद और खुले पैसों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब मोबाइल फोन के ज़रिए चंद सेकंड में भुगतान करना आम ब…
UPI की सफलता का अंदाज़ा इसके बढ़ते आंकड़ों से लगाया जा सकता है। वित्त वर्ष 2016-17 में जहाँ UPI के माध्यम से लगभग 2 करोड़ लेनदेन हुए थे, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 तक यह संख…
दिलचस्प बात यह है कि देश के कुल डिजिटल भुगतान में UPI की हिस्सेदारी करीब 84% है। इसमें से भी 86% मर्चेंट भुगतान 500 रुपए से कम के होते हैं, जो यह साबित करता है कि UPI अब…
UPI ने छोटे दुकानदारों की कई बड़ी समस्याओं का समाधान किया है। पुष्प विहार के एक दुकानदार जयकिशन बताते हैं, “पहले खुदरा पैसे की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब ग्राहक डिजिटल…
एक अन्य दुकानदार का भी यही मानना है। उन्होंने कहा कि अब खुले पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ती और बैंक जाकर छोटी-छोटी रकम जमा करने की ज़रूरत भी कम हो गई है। ऑनलाइन भुगतान से…
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