टीबी (तपेदिक) के खिलाफ लड़ाई को और मज़बूत करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के सदस्य देशों ने मिलकर कई ठोस कदम उठाने का फैसला किया है। ब…
दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में दुनिया की करीब एक-चौथाई आबादी रहती है, लेकिन 2024 में वैश्विक स्तर पर टीबी के कुल नए मामलों में से लगभग 34% मामले यहीं दर्ज हुए। अनुमान है…
सदस्य देशों ने इस बात पर सहमति जताई है कि मरीज़ों की जल्द और सटीक पहचान के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत किया जाएगा। इसके लिए जोखिम वाले समूहों और वंचित समुदायों के बीच व्…
रोकथाम और मरीज़-केंद्रित देखभाल: रणनीति के तहत टीबी के मरीज़ के संपर्क में आए लोगों और उच्च-जोखिम वाले समूहों को बचाव का इलाज दिया जाएगा। मरीज़ों को बेहतर इलाज के साथ-साथ पो…
WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. नीलेश बुद्धा ने कहा, "टीबी का इलाज संभव है और इसे रोका भी जा सकता है, फिर भी हमारे क्षेत्र में हर साल लाखों लोगों…
इस क्षेत्र में 2015 से प्रगति हुई है, जिसमें नए मामलों में 16% और मौतों में 23% की कमी आई है, जो वैश्विक औसत से बेहतर है। हालांकि, ये सुधार 2030 तक टीबी को खत्म करने के ल…
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