छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का गोगुंडा इलाका, जो कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाता था और जहाँ सुरक्षा बलों का पहुंचना भी दूभर था, अब विकास और बदलाव की एक नई कहानी लिख रहा है। सम…
एक समय था जब गोगुंडा का नाम सिर्फ नक्सली गतिविधियों और दहशत के लिए जाना जाता था। आईईडी और नक्सलियों द्वारा छिपाए गए हथियारों (डंप) के कारण आम जन-जीवन लगभग असंभव था। इन हा…
इस क्षेत्र में बदलाव की प्रक्रिया तब शुरू हुई जब सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन ने यहां अपना कैंप स्थापित किया। कैंप की स्थापना के बाद ही सड़क निर्माण का काम शुरू हो सका और बि…
बुनियादी सुविधाओं के पहुंचने के बावजूद गोगुंडा में चुनौतियां बरकरार हैं। इलाके की भौगोलिक स्थिति बेहद जटिल है। आज भी सीआरपीएफ कैंप तक किसी वाहन से नहीं पहुंचा जा सकता, यह…
यह पहला मौका था जब IANS की टीम सुरक्षा बलों की गतिविधियों और हो रहे बदलावों को कवर करने के लिए इस हाई-रिस्क जोन में पहुंची। जवानों ने मीडिया टीम का हौसला बढ़ाया और इस बात…
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