अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक,…
बाजार की इस कमजोरी का असर व्यापक था और निफ्टी मिडकैप व निफ्टी स्मॉलकैप में भी क्रमशः 0.36% और 0.17% की गिरावट देखी गई।
सोमवार को बाजार में सेक्टोरल रुझान मिला-जुला रहा, लेकिन बिकवाली का दबाव ज्यादा था। सबसे ज्यादा कमजोरी निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में आई, जो 0.98% तक लुढ़…
हालांकि, इस गिरावट के बीच कुछ सेक्टर हरे निशान में कारोबार करते दिखे। निफ्टी केमिकल्स इंडेक्स में 0.48% की मजबूती आई, जबकि निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर इंडेक्स करीब 0.45% चढ…
विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल का भाव लगभग 89 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है और अमेरिका-ईरान संघर्ष का तत्काल कोई समाधान नहीं दिख रहा है। ये दोनों कारक बाजार की तेजी…
विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक कोई नया सकारात्मक संकेत नहीं मिलता, तब तक निफ्टी अल्पावधि में 24,000 से 24,600 अंकों के दायरे में रह सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कंपनिय…
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