किसान जो सबके लिए अन्न पैदा करता है. उसके हालात हमेशा से दयनीय रहें हैं. भारत का इतिहास चाहे प्राचीन हो या मध्यकाल हो या आधुनिक किसानों की हालात में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है. भारत की आजादी से पहले जब…
आजादी के बाद 1987 की बात करें, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर के कर्नूखेड़ी गाँव में बिजली घर जल गया. इलाक़े के किसान पहले से ही बिजली संकट का सामना कर रहे थे और इसके कारण उनकों बहुत समस्याएं आ र…
जनवरी 1988 में किसानों ने अपने नए संगठन भारतीय किसान यूनियन के झंडे तले मेरठ में 25 दिनों का धरना आयोजित किया. इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा मिली. इसमें पूरे भारत के किसान संगठन और नेता शामिल हुए…
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किसान आंदोलन का काला इतिहास भी है, जब मध्यप्रदेश के मंदसौर में 2017 में हुए किसान आंदोलन को लोग अभी भूले नहीं होंगे, जहां पुलिस की गोली से 7 किसानों की मौत हो गई थी. इसी तरह कर्ज माफी और फसलों के डेढ़…
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