दुनिया भर में जब किसी महिला को मौत की सज़ा सुनाई जाती है, तो यह अक्सर एक बड़ी बहस और गहरे सवालों को जन्म देती है। हाल ही में मिस्र की एक टीवी प्रस्तोता सारा खलीफा का मामल…
39 वर्षीय सारा खलीफा अपने टीवी शो ‘मिशन इंपॉसिबल’ के लिए जानी जाती थीं, जिसमें वह खुद अपराध और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाती थीं। जाँच एजेंसियों ने इस मामले में 750 किलोग…
इतिहास में ऐसे कई मामले दर्ज हैं जहाँ महिलाओं को मौत की सज़ा दी गई। इनमें सबसे चर्चित नामों में से एक माता हारी का है, जिनका असली नाम मार्गरेथा जेला था। 20वीं सदी की शुरु…
वहीं, अमेरिका में ‘डेथ रो ग्रैनी’ के नाम से जानी जाने वाली वेल्मा बारफील्ड को अपने मंगेतर की ज़हर देकर हत्या करने के जुर्म में 1978 में दोषी पाया गया। बाद में उन्होंने और…
कुछ मामले ऐसे भी रहे जहाँ सज़ा सुनाए जाने के बाद फैसला पलट गया। पाकिस्तान की ईसाई महिला आसिया बीबी का मामला इसका एक बड़ा उदाहरण है। उन पर 2010 में ईशनिंदा का आरोप लगाकर म…
ईरान की कुर्द मानवाधिकार कार्यकर्ता पख्शान अजीजी का मामला आज भी दुनिया भर में चर्चा का विषय है। उन्हें जुलाई 2024 में ‘सशस्त्र विद्रोह’ के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई गई थ…
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें