झारखंड के साहिबगंज जिले में भूजल के ज़हरीला होने के बावजूद एक महत्वपूर्ण पेय जलापूर्ति योजना के 14 वर्षों से अधूरी रहने पर झारखंड हाईकोर्ट ने गहरी नाराज़गी जताई है। अदालत…
यह मामला ‘मेधा पेय जलापूर्ति योजना’ से जुड़ा है, जिसे साहिबगंज के ग्रामीण इलाकों में साफ़ पानी मुहैया कराने के लिए साल 2012 में मंजूरी दी गई थी। याचिकाकर्ता सिद्धेश्वर मं…
सुनवाई के दौरान अदालत का ध्यान इस तथ्य पर दिलाया गया कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में भी क्षेत्र के भूजल में आर्सेनिक और फ्लोराइड जैसे खतरनाक तत्वों की…
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने गुरुवार को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव को एक विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने सरकार से न सिर्फ योजन…
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