पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लक्ष्य के साथ केंद्र सरकार ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 राज्यसभा में पेश कर दिया है। समाचार…
यह विधेयक 2024 में बने मूल कानून को और अधिक कठोर तथा प्रभावी बनाने के लिए लाया गया है। जितेंद्र सिंह ने सदन को बताया कि यह विधेयक लोकसभा में लगभग दस घंटे की चर्चा के बाद…
संशोधित विधेयक में सज़ा और जुर्माने के प्रावधानों को काफ़ी सख्त किया गया है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
व्यक्तिगत सज़ा: पहले के 3 से 5 साल की कैद और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने को बढ़ाकर अब 5 से 10 साल की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना किया गया है।
सेवा प्रदाता पर जुर्माना: परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों या कंपनियों के लिए जुर्माना 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये तक कर दिया गया है। साथ ही, परीक्षा कराने पर…
वरिष्ठ प्रबंधन की जवाबदेही: कंपनियों के निदेशक और वरिष्ठ प्रबंधन के लिए सज़ा 3-10 साल की कैद से बढ़ाकर 5-10 साल कर दी गई है, और जुर्माना 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये त…
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