बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की चेक बाउंस मामले से जुड़ी मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में उनके अब तक के रवैये पर कड़ी नाराज़गी ज…
चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि अभिनेता को रकम जमा करने के लिए बार-बार मौके दिए गए, लेकिन उन्होंने आद…
यह मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद ली थी। फिल्म की…
इसी समझौते के तहत 2013 में 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक दिए गए, जो बाउंस हो गए। इसके बाद मुरली प्रोजेक्ट्स ने सात अलग-अलग मामले दर्ज कराए।
इस मामले में अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की सज़ा सुनाई थी। मामला सेशंस कोर्ट से होता हुआ दिल्ली हाई कोर्ट पहुँचा। जुलाई 20…
राजपाल यादव ने हाई कोर्ट के इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सरेंडर से अंतरिम राहत देते हुए 5 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दि…
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