राजपाल यादव पर सुप्रीम कोर्ट की सख़्ती, कहा- आदेश का पालन नहीं हुआ तो अपील ख़ारिज कर देंगे
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की चेक बाउंस मामले से जुड़ी मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में उनके अब तक के रवैये पर कड़ी नाराज़गी जताई है। समाचार एजेंसी IANS की…
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की चेक बाउंस मामले से जुड़ी मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में उनके अब तक के रवैये पर कड़ी नाराज़गी जताई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगर राजपाल यादव ने आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं किया तो उनकी सज़ा के ख़िलाफ़ दायर अपील को ख़ारिज किया जा सकता है।
चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि अभिनेता को रकम जमा करने के लिए बार-बार मौके दिए गए, लेकिन उन्होंने आदेशों का पालन नहीं किया। बेंच ने यह भी टिप्पणी की कि शिकायतकर्ता को उसकी रकम का कुछ हिस्सा वापस मिलने की उम्मीद में ही अब तक नरमी बरती गई है।
क्या है यह पूरा मामला?
यह मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद ली थी। फिल्म की असफलता के बाद रकम लौटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। 2012 में एक समझौते के तहत राजपाल यादव, उनकी पत्नी राधा यादव और उनकी कंपनी ने ब्याज सहित करीब 11 करोड़ रुपये लौटाने पर सहमति जताई थी।
इसी समझौते के तहत 2013 में 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक दिए गए, जो बाउंस हो गए। इसके बाद मुरली प्रोजेक्ट्स ने सात अलग-अलग मामले दर्ज कराए।
अदालती कार्यवाही का लंबा सफ़र
इस मामले में अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की सज़ा सुनाई थी। मामला सेशंस कोर्ट से होता हुआ दिल्ली हाई कोर्ट पहुँचा। जुलाई 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए सज़ा को सात मामलों में तीन-तीन महीने की साधारण क़ैद में बदल दिया था। इससे पहले, फरवरी 2026 में वादे पूरे न करने पर उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
राजपाल यादव ने हाई कोर्ट के इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सरेंडर से अंतरिम राहत देते हुए 5 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया। 15 सितंबर को और समय माँगने पर कोर्ट ने उन्हें दो हफ़्ते में 2 करोड़ रुपये जमा करने का आख़िरी मौका दिया था।
मंगलवार तक की अंतिम मोहलत
सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने एक बार फिर भुगतान को लेकर सख़्त रुख अपनाते हुए राजपाल यादव को आदेश का पालन करने के लिए मंगलवार तक का आख़िरी मौका दिया है। मामले पर अगली सुनवाई बुधवार को होगी।
इनपुट: IANS



