राजस्थान के एक छोटे से शहर बूंदी से निकले जतिन नामा ने अपनी मेहनत और लगन से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें जापान के प्रतिष्ठित टोक्यो महानगरीय…
बूंदी के बालचंद पाड़ा इलाके में पले-बढ़े जतिन की यह यात्रा कई युवाओं के लिए मिसाल बन गई है। उन्होंने गुजरात के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गांधीनगर से रसायन शास्त्र…
अपनी इस कामयाबी का श्रेय जतिन पूरी तरह से अपने परिवार को देते हैं। IANS से बातचीत में उन्होंने अपने पिता नारायण नामा के संघर्ष को याद करते हुए बताया, "घर में एक ही बाइक थ…
जतिन के पिता नारायण नामा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मेहनत से कामयाबी हासिल करने के लिए बेटे को धन्यवाद देना चाहता हूं। मुझे गर्व है कि बच्चे के साथ मेरा भी सम्मान…
जतिन की पत्नी अनुराधा नामा के लिए यह पल गर्व और भावुकता से भरा है। उन्होंने कहा, "हम लोगों को इनपर गर्व है कि बूंदी जैसी जगह से उठकर आईआईटी का सफर तय किया और अब देश के बा…
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों में भी जतिन की इस सफलता को लेकर उत्साह है। उनके एक पड़ोसी पीयूष पाचक ने कहा, "यह हमारे साथ-साथ पूरे बूंदी के लिए गर्व का विषय है। हमारी बूंदी क…
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