आगामी गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज के त्योहारों को लेकर पूरे देश में उत्साह है, और इस बार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से लेकर गुजरात के जामनगर तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश…
इस पहल का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के बाद होने वाले जल प्रदूषण को रोकना और लोगों को एक स्थायी विकल्प देना है। इन मूर्तियों को घर पर ही आसानी से विसर्जित किया जा सकता है,…
प्रयागराज में गाय के गोबर से बनी पवित्र मूर्तियां
प्रयागराज में, महिलाओं का एक समूह गणेश और शिव-पार्वती की मूर्तियां बनाने के लिए गाय के गोबर का उपयोग कर रहा है। मूर्तिकार आभा सिंह ने बताया, "गणेश चतुर्थी और तीज आने वाला…
इसी समूह की रेणु कंचन ने विसर्जन से जुड़ी भावनात्मक पीड़ा का जिक्र करते हुए कहा, "त्योहार के बाद भगवान की मूर्तियों का विसर्जन करते दुख होता है। इसलिए हमने सोचा कि गाय के…
वहीं गुजरात के जामनगर में, मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियों की मांग चरम पर है। मूर्तिकार अतुल प्रजापति और उनका परिवार पिछले 20 सालों से यह काम कर रहा है। उन्होंन…
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