3D प्रिंटिंग की दुनिया में बढ़ती लागत और प्लास्टिक कचरे की समस्या का एक साथ समाधान मिल सकता है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), राउरकेला के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी मशी…
यह एक्सट्रूडर प्रणाली प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण कर उसे 3D प्रिंटिंग के लिए कच्चा माल, यानी फिलामेंट, बनाने में सक्षम है। 3D प्रिंटर ठीक वैसे ही काम करता है जैसे सामान्…
इस नई तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह न केवल नए प्लास्टिक पर निर्भरता कम करती है, बल्कि पुनर्चक्रित प्लास्टिक में दूसरी सुदृढ़ीकरण सामग्री मिलाकर पहले से ज़्यादा मज…
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर संध्यारानी बिस्वास ने कहा, "यह तकनीक फिलामेंट उत्पादन में महत्वपूर्ण प्रगति है। इससे बेहतर यांत्रिक गुणों वाले पुर्जे बनाए…
यह प्रणाली एक ऐसी चक्रीय व्यवस्था (circular economy) को बढ़ावा दे सकती है, जहाँ प्लास्टिक कचरे को फेंकने के बजाय उसे मूल्यवान उत्पादों में बदला जा सके। केमिकल इंजीनियरिंग…
इस तकनीक से बने फिलामेंट का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में हो सकता है, जैसे:
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