निजी कब सेवा प्रदान करने वाली ओला कम्पनी पर मुसीबत आन पड़ी है, पांच करोड़ रूपये की फिरौती के लिए डॉक्टर को अगवा करने के मामले की जांच कररही पुलिस अब ओला और उसकी कैब सर्विसे…
दरअसल, फर्जी दस्तावेजों के जरिये ओला में ड्राइवर द्वारा पंजीकरण करने की बात खुलासा होने के बाद पुलिस ने इनपर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। जॉइंट कमिश्नर रवींद्र या…
इतना ही नहीं, आरोपी चालक ने जिस वेंडर के जरिये अपनी कार का पंजीकरण ओला में कराया था, उसे उसने 15 सौ रूपये भी दिए थे। सवाल उठता है कि क्या ओला व इस तरह से कैब सर्विस मुहैय…
आपको बता दें, नियम के मुताबिक़, सभी निजी कैब सेवा प्रदान करने वाली कंनियों के लिए यह जरूरी है कि वह जिस भी ड्राइवर को अपनी कैब सर्विस का हिस्सा बनाये, उसकी हर जानकारी रखे,…
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