दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। कॉरिडोर की बिजली की कुल जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा अब…
यह समझौता एनसीआरटीसी ने एनआईआरएल की सहायक कंपनी एनएनआरएल (एनआईआरएल एनसीआरटीसी रिन्यूएबल्स लिमिटेड) के साथ किया है। यह परियोजना न सिर्फ कॉरिडोर को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेग…
उत्तर प्रदेश के जालौन शहर में विकसित होने वाले इस सोलर पावर प्लांट की अनुमानित लागत करीब 450 करोड़ रुपये है। इसे 80:20 के डेट-इक्विटी फंडिंग मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा।…
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के कुल परिचालन खर्च में बिजली की हिस्सेदारी लगभग 30 से 35 प्रतिशत है। इस सोलर प्लांट के चालू होने के बाद बिजली खर्च में करीब 25 प्रतिशत की कम…
पर्यावरण की दृष्टि से भी यह एक बड़ी पहल है। अनुमान है कि पारंपरिक ऊर्जा की जगह सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से हर साल लगभग 1.77 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा। साथ ही…
फरवरी 2026 में पूरे कॉरिडोर पर परिचालन शुरू होने के बाद से नमो भारत की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। वर्तमान में इस पर प्रतिदिन करीब एक लाख यात्री सफर कर रहे हैं और कुल यात्…
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