छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) को भुगतान में होने वाली देरी की बड़ी समस्या से निपटने के लिए एक अहम कानून लोकसभा से भी पारित हो गया है। शुक्रवार को सदन ने 'सूक्ष्म, लघु और…
इस कानून के तहत अब सभी केंद्रीय सरकारी कंपनियों (PSUs) के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे छोटे और मझोले उद्यमों से की गई किसी भी खरीद का भुगतान 'ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग…
विधेयक में विवादों के निपटारे के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। अगर किसी मामले में आपसी सुलह (मध्यस्थता) नाकाम हो जाती है, तो उसके 30 दिनों के भीतर मामले को मध्यस्थत…
एक और महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि कोई मामला छह महीने से ज़्यादा समय तक खिंच जाता है, तो आपूर्तिकर्ता MSME को विवादित रकम का कम से कम 50% हिस्सा तुरंत भुगतान करना होग…
इससे पहले गुरुवार को लोकसभा ने विपक्ष के विरोध के बावजूद ध्वनि मत से 'कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी मंजूरी दी थी। यह विधेयक 'आयकर (संशोधन) अध्यादेश,…
उल्लेखनीय है कि इस हफ्ते की शुरुआत में सरकार ने बताया था कि MSME मंत्रालय की 'सस्टेनेबल ज़ीरो डिफेक्ट ज़ीरो इफेक्ट' (ZED) सर्टिफिकेशन योजना के तहत अब तक करीब 9.49 लाख MSM…
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