दिल्ली नगर निगम (MCD) एक बार फिर टोल टैक्स टेंडर को लेकर विवादों में घिर गया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा शासित निगम पर टेंडर प्रक्रिया में धांधली कर 680 करोड़ रुपये…
'आप' नेताओं का आरोप है कि एमसीडी ने जानबूझकर सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी को तकनीकी आधार पर बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बजाय, एक ऐसी कंपनी को ठेका दिया गया जिसने 68…
कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि एमसीडी ने लगभग 5500 करोड़ रुपये के टोल कलेक्शन का टेंडर जारी किया, लेकिन इस प्रक्रिया के लिए स्टैंडिंग कमेटी से अनिवार्य मं…
उन्होंने विस्तार से बताया कि सबसे ऊंची बोली 5500 करोड़ रुपये की थी, जिसे तकनीकी कारणों से खारिज कर दिया गया। इसके बाद 4820 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाली कंपनी सहकार ग्लो…
आम आदमी पार्टी ने यह भी कहा कि सहकार ग्लोबल लिमिटेड कई वर्षों से एमसीडी में टोल कलेक्शन का काम कर रही है। 'आप' नेताओं के अनुसार, NHAI द्वारा ब्लैकलिस्ट और डिबार किए जाने…
एमसीडी के सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने प्रतिस्पर्धा को सीमित करने के लिए टेंडर में 122 लेन के सिंगल कॉन्ट्रैक्ट और 24 महीने की अवधि जैसी पुरानी शर्ते…
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