इंसान की जन्म मृत्यु का निर्णय ईश्वर के हाथों में होता है। जो ईश्वर इंसान को धरती पर भेजता है वही ईश्वर मनुष्य यह भी तय करता है की कब तक मनुष्य इस धरती का सुख, दुःख भोगेगा और फिर से एक बार ईश्वर की शर…
मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में यहां पांडवों को जलाकर मारने के लिए दुर्योधन ने लाक्षागृह बनाया था। अज्ञातवास के दौरान युधिष्ठर ने शिवलिंग की स्थापना इसी स्थान पर की थी। जो मंदिर में आज भी मौजूद…
इस मंदिर को चम्तकारी मंदिर इसलिए भी कहते हैं क्योंकि अगर व्यक्ति ने शरीर त्याग दिया और अगर वो यहाँ लाया जाता है तो जिंदा हो जाता था। जीवित होने के बाद उक्त व्यक्ति शिव नाम लेता है व गंगाजल ग्रहण करता…
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