बिहार

मढ़ौरा से गिनी तक भौकाल: एक साल में 51 'मेड इन बिहार' रेल इंजन निर्यात

AI जनित प्रतीकात्मक चित्र

बिहार के सारण जिले के मढ़ौरा स्थित डीजल रेल इंजन कारखाने ने एक नई उपलब्धि दर्ज की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 19 जून 2026 को इस कारखाने से 51वें अत्याधुनिक रेल इंजन को गिनी गणराज्य के लिए निर्यात…

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खास बात यह है कि मढ़ौरा कारखाने से पहला इंजन ठीक एक साल पहले, 20 जून 2025 को निर्यात हुआ था। यानी महज बारह महीनों के भीतर इस कारखाने ने 51 इंजन विदेश भेजकर अपना भौकाल कायम कर दिया है। हर इंजन की क्षमत…

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एक रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात किए जाने वाले ये इंजन मढ़ौरा से सड़क और रेल मार्ग होते हुए गुजरात के मुंद्रा पोर्ट तक पहुंचाए जाते हैं और वहां से समुद्री मार्ग के जरिए गिनी गणराज्य भेजे जाते हैं। इन इंज…

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मढ़ौरा कारखाना भारत सरकार और अमेरिकी कंपनी वेबटेक के संयुक्त उपक्रम के तहत संचालित होता है। निर्यात से पहले इस कारखाने ने भारतीय रेल को भी 825 आधुनिक लोकोमोटिव सौंपे हैं।

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रिपोर्ट के मुताबिक, इस कारखाने की गतिविधियों से बिहार को जीएसटी राजस्व के रूप में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई हुई है। यह आंकड़ा राज्य के औद्योगिक मानचित्र पर मढ़ौरा की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।

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इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, सारण सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी और सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इंजन को रवाना करने में लोको पायलट निर्भय कुमार और सहायक लोको…

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