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शराब सेहत के लिए हानिकारक है, फिर भी सरकारें क्यों इसे बेचने पर हैं मजबूर ?

(फोटो: IANS)

देशभर में कोरोना वायरस का प्रकोप कायम है , इसी कारण देश में लॉक डाउन जारी है , लोगो को सरकार द्वारा लॉक डाउन के तीसरे चरण में कुछ को ढील मिली है। इस लॉक डाउन में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय शराब की दुका…

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आपको बताना चाहेंगे शराब की बिक्री से राज्यों को सालाना 24% तक की कमाई होती है। लॉक डाउन के कारण शराब की विक्री से राज्यों की अर्थव्यवस्था में सुधार देखा जा सकता है। स्टेट जीएसटी, लैंड रेवेन्यू, पेट्रो…

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एक्साइज ड्यूटी सबसे ज्यादा शराब पर ही लगती है। क्योंकि, शराब और पेट्रोल-डीजल को जीएसटी से बाहर रखा गया है। इसलिए, राज्य सरकारें इन पर टैक्स लगाकर रेवेन्यू बढ़ाती हैं। देश में शराब की दुकाने खुलने के ब…

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पीआरएस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकारों को सबसे ज्यादा कमाई स्टेट जीएसटी से होती है। इससे औसतन 43% का रेवेन्यू आता है। उसके बाद सेल्स-वैट टैक्स से औसतन 23% और स्टेट एक्साइज ड्यूटी से 13% की…

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देश भर में लॉकडाउन के कारण शराब भी बन होगयी थी। जिसके कारण राज्य सरकार ने रेवेनुए में भाड़ी मात्रा में नुकसान झेलना पड़ा द हिंदू के मुताबिक, शराब की बिक्री बंद होने से सभी राज्यों को रोजाना 700 करोड़ रु…

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