झारखंड के गौरवशाली इतिहास और प्रशासनिक यात्रा के अमूल्य दस्तावेज़ों को सहेजने वाला रांची स्थित राज्य अभिलेखागार खुद अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। समाचार एजेंसी IAN…
यह मामला तब सामने आया जब शशि सागर वर्मा द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के वकील शैलेश पोद्दार ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पीठ को बता…
अदालत को जानकारी दी गई कि इस अभिलेखागार में रियासतकालीन दुर्लभ पट्टे, ऐतिहासिक भू-अभिलेख और कई प्राचीन नक्शे मौजूद हैं, जिनका प्रशासनिक, न्यायिक और ऐतिहासिक महत्व है। स्ट…
याचिका में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि जब तक स्थाई नियुक्तियां नहीं हो जातीं, तब तक इन ऐतिहासिक धरोहरों को नष्ट होने से बचाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 1 अक्टूबर, 2026 तक एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। सरकार को इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि इन खाली…
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