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गुवा गोलीकांड के 46 साल: जब झारखंड की धरती 11 आदिवासियों के खून से हुई थी लाल

(फोटो: IANS)

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले का गुवा कस्बा हर साल 8 सितंबर को इतिहास के एक रक्तरंजित पन्ने को फिर से याद करता है। आज से 46 साल पहले, 1980 में इसी दिन, जल-जंगल-ज़मीन पर अ…

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यह घटना स्वतंत्र भारत के इतिहास के उन काले अध्यायों में से एक है, जहां प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे। उस दिन गुवा की लौह अयस्क से सनी लाल मिट्टी 11 आदिवासियों के…

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1970 और 80 के दशक में तत्कालीन बिहार का कोल्हान क्षेत्र कई वजहों से सुलग रहा था। वन विभाग द्वारा जंगल कटाई के नाम पर आदिवासियों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे थे और इस्को (IIS…

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प्रशासन ने धारा 144 लगाकर सभा को रोकने की कोशिश की, ट्रेनें और बसें भी रोक दी गईं। इसके बावजूद, हजारों आदिवासी मीलों पैदल चलकर पारंपरिक तीर-धनुष के साथ गुवा बाजार में जमा…

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आंदोलन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और प्रदर्शनकारियों की पुलिस से सीधी झड़प हो गई। पुलिस ने गोलियां चलाईं, जबकि प्रदर्शनकारियों की ओर से तीर चले। इस शुरुआती हिंसा में…

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इसके बाद की घटना और भी भयावह थी। कई घायल आदिवासियों को इलाज के लिए गुवा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके हथियार बाहर ही रखवा लिए गए थे। आरोप है कि बिहार मिलिट्री पुलिस के ज…

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