झारखंड में सुरक्षाबलों ने इस साल की सबसे बड़ी नक्सल-विरोधी कामयाबी हासिल की है। करीब चार दशकों से सक्रिय और माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को उसके दो साथ…
यह गिरफ्तारी मंगलवार देर रात धनबाद और गिरिडीह जिले के सीमावर्ती इलाके में की गई। खुफिया जानकारी के आधार पर झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन ने एक संयुक्त अभियान चल…
इस बड़ी सफलता के पीछे की कड़ी मंगलवार को ही रांची में हुए एक आत्मसमर्पण से जुड़ी है। मिसिर बेसरा के करीबी अंगरक्षक देवान मुर्मू उर्फ शनिचरवा ने 15 अन्य माओवादियों के साथ…
गिरिडीह के पीरटांड़ का रहने वाला मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल, माओवादी संगठन के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले पोलित ब्यूरो का सदस्य था। झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्ती…
यह भी पढ़ें: बेसरा को 2007 में खूंटी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन 2009 में वह बिहार के लखीसराय कोर्ट परिसर से पुलिस हिरासत से भागने में कामयाब हो गया था। तब से वह करी…
अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से झारखंड में माओवादी संगठन का नेतृत्व कमजोर पड़ेगा, जो पहले से ही मुठभेड़ों और आत्मसमर्पण की घटनाओं से जूझ रहा है। फिलहाल, केंद्री…
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