दशकों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे झारखंड के छंटनीग्रस्त जनगणना कर्मचारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने एक अहम फैसले में राज्य सरकार को निर्देश दि…
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला उन 602 कर्मचारियों से जुड़ा है, जिन्हें 1991-92 में गृह मंत्रालय के अधीन देवघर क्षेत्रीय जनगणना कार्यालय में संविदा पर रखा गया था।…
देरी सरकार की, नुकसान कर्मचारी का क्यों?
सरकारी संकल्प के बावजूद, इन कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र जारी करने में 6 से 8 साल की अत्यधिक देरी हुई। इस वजह से वे 2010 से 2012 के बीच ही नौकरी ज्वाइन कर पाए। नतीजतन, जब…
चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने सरकार की इस दलील को तो माना कि 1991-92 की संविदा सेवा को पेंशन में नहीं जोड़…
अदालत ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि प्रशासनिक विलंब का खामियाजा कर्मचारियों को नहीं भुगतना चाहिए। हाईकोर्ट ने स्प…
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