झारखंड में कोयला खत्म होने के बाद बेकार छोड़ दी जाने वाली खदानों को अब आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है।…
राज्य सरकार ने इन दोनों खदानों के पुनरुपयोग के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बना ली है। यह कदम केंद्र के कोयला मंत्रालय और जर्मनी की संस्था जीआईजेड के संयुक…
चुनी गई दोनों खदानों के लिए एक विस्तृत 'माइन क्लोजर एंड रिपर्पजिंग प्लान' तैयार किया जाएगा। इसके तहत यह मूल्यांकन होगा कि खदान की ज़मीन और आसपास के संसाधनों का सर्वोत्तम…
इस योजना के केंद्र में स्थानीय समुदाय हैं। विशेष रूप से करमा ओसीपी के आसपास के आठ गाँवों—सुगिया, मरार, बोंगाबार, करमा, कैथा, कंडेर, लोढ़मा और पैंकी—को इसमें शामिल किया गय…
रांची में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल समेत राज्य सरकार, जीआईजेड, कोल कंट्रोलर ऑर्गनाइजेशन, सीसीएल और सीएमपीडीआई के अधिकारियों ने इ…
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें