शक्ति के विकेंद्रिकरण को ध्यान में रखकर ग्राम पंचायत की अवधारणा का विकास हुआ. हर गाँव की एक पंचायत होती है. उस गाँव के लोग अपने में से ही पंच और सरपंच का चुनाव करते हैं. जिनका काम गाँव स्तर पर प्रशासन…
लेकिन यदि किसी भी कारण से गाँव की पंचायत को भंग किया जाता है, तो उसके बाद दोबारा चुनाव कराए जाते हैं. ताकि गाँव के स्तर पर विकास कार्यों में कोई अवरोध पैदा ना हो. अगर चुनाव होते हैं, तो उसके लिए ज्याद…
1947 ई. तक ग्रामों में सही पंचायत व्यवस्था का अभाव ही रहा. देश के आजाद होने के बाद पंचायत व्यवस्था को पुनर्जीवित करने के सक्रिय प्रयास शुरू हुए. उत्तर प्रदेश में सन् 1947 में पंचायत राज अधिनियम…
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ग्राम पंचायत का कार्यकाल 5 वर्ष को होता है. आमतौर पर 5 वर्ष के बाद चुनाव होते हैं. जिसमें पंच और सरपंचो का चुनाव गाँव के मताधिकार प्राप्त लोगों द्वारा किया जाता है.
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