प्रशासनिक सेवा और खेल के मैदान, दो अलग-अलग दुनिया में एक साथ शिखर पर पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन IAS अधिकारी सुहास एल. यथिराज ने यह कर दिखाया है। कर्नाटक के एक छोटे से…
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, जन्म से ही पैर में दिक्कत होने के बावजूद सुहास की खेल में गहरी रुचि थी। उनका यह सफर संघर्ष और दृढ़ संकल्प की एक मिसाल है, जो आज लाखों युवाओ…
2 जुलाई 1983 को कर्नाटक के हसन में जन्मे सुहास का बचपन चुनौतियों से भरा था। उनकी शुरुआती पढ़ाई कन्नड़ माध्यम में हुई, जिससे बाद में अंग्रेजी मीडियम स्कूल में दाखिला लेने…
साल 2005 में पिता के निधन ने सुहास को बुरी तरह झकझोर दिया। इसी मुश्किल घड़ी में उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया और UPSC की तैयारी शुरू कर दी। अपनी मेहनत के दम…
एक टूर्नामेंट से हुई पेशेवर बैडमिंटन की शुरुआत
सुहास बचपन से बैडमिंटन खेलते थे, लेकिन पेशेवर तौर पर खेलने का मौका उन्हें आजमगढ़ में तैनाती के दौरान मिला। वहां एक बैडमिंटन टूर्नामेंट का उद्घाटन करने पहुंचे सुहास ने आयो…
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