जब होर्मुज जलसंधि के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में हाहाकार मचा और कई देशों में पेट्रोल-डीजल की लंबी कतारें लगीं, तब भारत में पंप लगभग सामान्य रूप से चलते रहे। आखिर…
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अमृतसर में बात करते हुए सूरी ने भारत सरकार की रणनीति की सराहना की। उन्होंने कहा, "अलग-अलग देशों में ईंधन की कीमत तय करने के अलग-अलग तरीके होते…
इस पूरे दौर में कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से उछलकर 126 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुँची — यानी लगभग दोगुनी। फिर भी सरकार ने अधिकांश अतिरिक्त बोझ नागरिकों तक न…
90% आयात-निर्भरता के बावजूद पहले से की तैयारी
होर्मुज जलसंधि के बंद होने को वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए सबसे बुरे परिदृश्यों में से एक बताते हुए सूरी ने कहा, "भारत अपनी करीब 90 प्रतिशत जीवाश्म ईंधन जरूरतों के लिए आया…
उन्होंने इसके पीछे सरकार की सक्रिय ऊर्जा कूटनीति को अहम कारक बताया। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी स्वयं एक अनुभवी राजनयिक रहे हैं — सूरी के अनुसार यह पृष्ठभूमि संकट-प…
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